फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शहर की सफाई के लिए निगम ने लगाए चार जोन के टेंडर

विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। शहर की सफाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। नगर निगम ने शहर में चार जोन बनाकर टेंडर लगा दिए हैं। ये टेंडर शॉर्ट टर्म के रखे गए हैं, जो केवल 12 दिन के लिए ही वेबसाइट पर उपलब्ध रहेंगे। इनको भरने की शुरुआत शनिवार 11 दिसंबर से होगी जबकि अंतिम तारीख 22 दिसंबर रखी गई है। इन टेंडरों में वार्डों की पूरे सफाई संबंधित कामों को शामिल किया गया है।
विज्ञापन

इन टेंडरों में फिलहाल लागत राशि का खुलासा नहीं किया गया है। इस कॉलम को निल दिखाया गया है। दूसरी तरफ नगर निगम ने शहर को चार जोन में बांटते हुए करीब ढाई करोड़ रुपये प्रतिमाह के खर्च से सफाई के टेंडरों की मुख्यालय से मंजूरी मांगी थी। जिस पर मुख्यालय ने केवल शहर को एक जोन बनाकर डेढ़ करोड़ की मंजूरी दी थी।
इसके बाद फिर से मुख्यालय को जनप्रतिनिधियों के हस्ताक्षर करवाकर मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा गया लेकिन अभी तक ये मंजूरी मिली नहीं है। बावजूद इसके निगम ने अपने दम पर इन टेंडरों को लगा दिया है। अगर मुख्यालय ने इन टेंडरों की मंजूरी को रद्द कर दिया तो निगम को इन टेंडरों को रद्द करना पड़ेगा। इसका एक बड़ा कारण ये भी है कि ढाई करोड़ रुपये महीना और सलाना 30 करोड़ खर्च के बजट की सीमा निगम आयुक्त एवं सदन की लिमिट से भी बाहर है। इसे केवल मुख्यालय से ही मंजूरी लेकर पास करवाया जा सकता था।
विज्ञापन

इस बार पूर्व पश्चिम नहीं, क्रमानुसार लगाए टेंडर
पहले नगर निगम ने जीटी रोड के पूर्व दिशा और पश्चिम दिशा के वार्डों के लिए टेंडर लगाने का प्लान बनाया था। इसके हिसाब से प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन नगर निगम ने जो टेंडर लगाए हैं ये टेंडर क्रमानुसार लगा दिए हैं। इनमें वार्ड नंबर एक से लेकर सात, आठ से लेकर 14, 15 से 20 और 21 से लेकर 26 तक लगाए हैं। इनमें दो जोन में सात सात वार्ड, दो जोन में छह-छह वार्ड शामिल किया गया।
निगम एक्ट में नहीं चार जोन का जिक्र
पार्षद रविंद्र भाटिया ने बताया कि निगम एक्ट में शहर को चार जोन में बांटकर सफाई के टेंडर लगाने का जिक्र ही नहीं है। ये बात पहले भी जनप्रतिनिधियों के साथ विचार विमर्श करके साझा की गई थी। दूसरे पार्षदों ने कहा कि वे इसे सरकार से पास करवा लेंगे इसलिए प्रयास करने में कोई हर्ज नहीं है। दूसरी तरफ अगर टेंडर मुख्यालय से मंजूर नहीं होते तो रद्द होना लाजमी है। इसके बाद निगम को फिर से एक ही जोन का टेंडर लगाना पड़ेगा।
पहले सवा तीन करोड़, फिर होंगे महज दो करोड़ खर्च-
जनप्रतिनिधियों का मानना है कि अगर मुख्यालय की मंजूरी के हिसाब से टेंडर लगाए जाते हैं तो महज डेढ़ करोड़ में शहर की सफाई व्यवस्था बेहतर हो सकती है। इसके अलावा डेढ़ करोड़ से फिसलकर जेबीएम का बजट केवल 50 लाख रह गया है। इस हिसाब से केवल दो करोड़ में जेेबीएम कूड़ा उठाने का काम भी करेगी और नए टेंडर से सफाई भी होगी। जबकि फिलहाल पुराने टेंडरों पर हर माह सवा तीन करोड़ खर्च हो रहे हैं। इससे निगम का हर माह सवा करोड़ का बजट भी बचेगा।
शहर की सफाई व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने शहर को चार जोन में बांटकर सफाई के लिए टेंडर लगाए हैं। इनकी मंजूरी के लिए मुख्यालय को पत्राचार किया जा चुका है। ये शॉर्ट टर्म टेंडर हैं। इनमें सात-सात के दो और छह-छह के दो जोन बनाए गए हैं। -आरके सिंह, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें