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Panipat News: उपभोक्ता के 20 गज के मकान का 18 हजार यूनिट दिखा 2.25 लाख का भेजा बिल

Fri, 09 Jan 2026 01:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
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सेक्टर 6 स्थित बिजली कार्यालय में सीजेएआरएफ दरबार में शिकायत सुनते चेयरमैन योगराज सिंह। संवाद - फोटो : 1
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पानीपत। बिजली निगम की एक गलती तहसील कैंप भारत भूषण सहित कई लोग अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। इसके बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। तहसील कैंप के भारत भूषण का आरोप है कि 20 गज के मकान पर लगा मीटर बिजली निगम की गलती से जंप मार गया।निगम ने 18 हजार यूनिट का 2.25 लाख रुपये का बिल भेज दिया। अब निगम अधिकारी सुनते नहीं है।
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भारत भूषण ने अपनी समस्या वीरवार को सेक्टर-6 स्थित सब डिवीजन कार्यालय में सीजीआरएफ के दरबार में रखी। चेयरमैन योगराज सिंह ने समस्या संबंधित अधिकारी को जल्द समाधान करने के निर्देश दिए है। दरबार में उनके सामने 18 उपभोक्ता अपनी शिकायत रखी। इनमें 12 पिछले दरबारों की लंबित रही और छह नई शिकायत पहुंची। चेयरमैन ने छह शिकायतों के समाधान करने के निर्देश दिए। वहीं कई उपभोक्ताओं ने दरबार में शिकायतों के समाधान की बजाय आगे की तारीख मिलने पर चिंता जाहिर की। चेयरमैन योगराज सिंह ने कहा कि उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान तत्परता साथ किया जाना चाहिए।
बिल तक नहीं जमा कर रहा निगम
इसराना निवासी राजेंद्र ने बताया कि 2018 में उनकी किराये के भवन के बिजली बिल का भुगतान न होने पर उनका कनेक्शन काट दिया था। यह बिल साढ़े छह लाख रुपये। किरायेदार संदीप निवासी चंदौली गांव को इसका भुगतान करना था। उन्होंने काफी समय बीत जाने के बाद भी बिजली बिल का भुगतान नहीं किया। उन्होंने उसके खिलाफ इसराना थाना में प्राथमिकी भी दर्ज करा दी थी। यह मामला अदालत में केस चल रहा है। वह बकाया साढे़ छह लाख रुपये का बिजली बिल का भुगतान करने को तैयार है। इसके बाद भी उसकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है।
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एक महीने 9627 और अगले महीने 1.89 लाख का बिल
हरीराम निवासी जावा कॉलोनी बबैल रोड ने बताया कि 17 अप्रैल 2025 को उनका 9627 हजार रुपये बिजली बिल आया था। उन्होंने इसका भुगतान नहीं किया तो आठ सितंबर 2025 को उनका बिजली बिल 1.89 लाख रुपये भेज दिया। वह बिजली निगम कार्यालयों के पिछले आठ महीने से चक्कर काट रहे हैं। इसका कोई समाधान नहीं किया जा रहा है। गढ़ी भलौर के रणधीर सिंह ने बताया कि उनके दादा जागेराम के नाम ट्यूबवेल का कनेक्शन था। वह चार साल पहले उनके नाम किया था। उनके परिवार के एक सदस्य ने 2011 में अपनी जमीन बेची थी। उन्होंने आरोप लगाया है कि जमीन खरीदार ने पिछले साल कनेक्शन विभागीय कर्मियों के साथ मिलीभगत कर अपनी मां के नाम करा लिया। कई बार शिकायत देने पर भी समाधान नहीं किया है। दरबार में भी उनको तारीख पर तारीख मिल रही है।
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