कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने प्रदेश व शहर की सरकार के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं। पार्षदों ने भाजपा विधायकों पर गली व सड़क की राजनीति करने का आरोप लगाया है और शहर के लिए बड़े प्रोजेक्ट लाने की मांग की है। कांग्रेसी पार्षदों ने सड़कों के टेंडर जारी न होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी है।
नगर निगम कार्यालय में वीरवार को कांग्रेस समर्थक पार्षदों ने शहर में विकास कार्य न होने को लेकर बैठक की। बैठक में पार्षदों ने शहर व ग्रामीण विधायकों पर विकास कार्यों में अड़चन पैदा करने का आरोप लगाया। पार्षदों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि सोमवार तक कोई टेंडर नहीं लग पाया तो सभी कांग्रेस समर्थक लघु सचिवालय में धरना देंगे। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कॉलोनी में विकास कार्यों को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं है।
बैठक में सीनियर डिप्टी मेयर पति सुभाष बठला, पार्षद सुनील वर्मा, पार्षद ससुर मदन लाल मंजोका, जय कुमार, पार्षद पति संजीव काला बुग्गी वाला, पार्षद पति रामंचद्र कादियान, पार्षद पति बलजीत सिंह, बृजभूषण धींगडा मौजूद रहे।
पार्षदों का यह था कहना -
वार्ड-20 पार्षद प्रतिनिधि बलजीत सिंह ने कहा कि कॉलोनी में विकास कार्य करवाने के लिए लगभग छह बार अस्टिमेट बनाकर फाइल जमा करवा चुके हैं। लेकिन कोई काम नहीं हो पाया है। कांग्रेस समर्थक पार्षदों के वार्डों में कोई विकास कार्य नहीं हो रहा है। इस सब के लिए जिम्मेवार दोनों विधायक है। अब तक एक भी टेंडर नहीं लगने दिया गया है। बैठक पार्षद में प्रतिनिधि रामचंद्र कादियान ने आरोप लगाते हुए कहा कि विधायकों का काम शहर में गली व सड़कें बनवाने तक सीमित हैं। विधायकों को चाहिए कि शहर वासियों के लिए बड़े प्रोजेक्ट लेकर आए। उन्होंने रैनीवाल प्रोजेक्ट को शहर की जरूरत बताया। शहर की कॉलोनियों में पीने के पानी की समस्या बनी हुई है, लेकिन विधायकों का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है।
पार्षद सरदार बलजीत सिंह ने बताया कि कुम्हार मोहल्ला में न तो लाइट की व्यवस्था है और न पीने के पानी की। लोगों को कई-कई दिनों पानी नसीब नहीं हो पाता है। वहीं जगजीवन राम कालोनी, खटीक बस्ती, ईमाम साहब व वाल्मीकि बस्ती कॉलोनी में लाइट से लेकर पीने के पानी की व्यवस्था ठप पड़ी हुई है। जिससे लोगों का जीन दुर्भर हो गया है।