पानीपत। राजस्व विभाग के पटवारियों की एक गोपनीय रिपोर्ट लीक होने पर विभाग में अफरातफरी मच गई है। इसमें जिले के नौ पटवारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। आरोप हैं कि ये पटवारी काम करने की एवज में लोगों से पैसे लेते हैं। कुछ पटवारियों ने निजी लोगों को सहायक के तौर पर रखा है। वे इनके माध्यम से भ्रष्टाचार फैला रहे हैं। वहीं पटवारी एसोसिएशन ने इस तरह की रिपोर्ट और आरोपों को निराधार बताया है।
सीएम फ्लाइंग और गुप्तचर विभाग ने गत दिनों पानीपत व मतलौडा तहसील के अंतर्गत पटवारखानों का औचक निरीक्षण किया था। इनकी रिपोर्ट में पटवारियों के पास बाहरी लोग काम करते पाए गए थे। सीएम फ्लाइंग की टीम ने इसकी रिपोर्ट बनाकर अधिकारियों को भेजी थी।
शुक्रवार को पटवारियों को लेकर एक गोपनीय रिपोर्ट लीक हुई है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद राजस्व विभाग में शुक्रवार को हंगामा मच गया। पटवारी नाम आने के बाद अपनी सफाई देने में लगे रहे। इसके अलावा अगली कार्रवाई को लेकर अधिकारियों से जानकारी लेने में लगे रहे। पानीपत समेत कई तहसीलों में संबंधित पटवारी अपने कार्यालय में नहीं मिले। ऐसे में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
इन तहसीलों के पटवारी ःइसराना तहसील का एक, मतलौडा के तीन, बापौली के एक, समालखा दो और पानीपत शहर के दो पटवारी शामिल हैं।
रिपोर्ट में पैसे लेने की बात साफ लिखी ःगोपनीय रिपोर्ट में पटवारियों पर पैसे लेने की बात स्पष्ट लिखी है। इसराना तहसील के एक पटवारी की रिपोर्ट में लिखा है कि उक्त पटवारी राजस्व संबंधित कार्य लोगों से सीधे पैसे लेते हैं। मतलौडा तहसील के एक पटवारी की रिपोर्ट में लिखा कि वे 2018 से तहसील में कार्यरत हैं। उन्होंने सुभाष नाम सहायक लगा रखा है। वह उनके माध्यम से पैसे लेता है। बापौली तहसील के एक पटवारी की रिपोर्ट में पटवारी के पैसे लेने की बात लिखी है।