पानीपत। पानीपत से प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों में आरक्षित टिकट नहीं है। सामान्य में भी चलना कठिन है। इन ट्रेनों में फरवरी के बाद तक की टिकट पहले से बुक हैं।
ऐसे में महाकुंभ में स्नान करने जाने वाले लाेगों को ट्रेन में टिकट तो दूर चढ़ते तक को रास्ता नहीं मिल पा रहा है। रेलवे ने भी ऐसी परिस्थितियों में अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। हर रोज 40 से 50 लोग टिकट आरक्षित न होने पर लौट रहे हैं।
महाकुंभ 13 जनवरी को शुरू हो गया है। कई सौ वर्षों बाद बने अद्भुत योग के चलते हर कोई महाकुंभ में स्नान कर पुण्य कमाने की तैयारी हैं। पानीपत रेलवे स्टेशन से उंचाहार, कालका मेल और मुरी एक्सप्रेस सीधे जाती हैं। तीनों ट्रेनों में आरक्षित टिकट तो दूर कहीं भी पैर रखने को जगह नहीं हैं। टिकट आरक्षित न होने पर लोग सामान्य डिब्बों में सवार हो रहे हैं। ऐसे में उनमें भी पैर रखने तक को जगह नहीं है। यात्रियों को बड़ी मुश्किल से अपने गंतव्य को पहुंचना पड़ रहा है। मॉडल टाउन निवासी कपिल और दीपेंद्र ने बताया कि उन्होंने नवंबर महीने में प्रयागराज के लिए ट्रेन में टिकट आरक्षित करा लिया था। उनको उस समय टिकट आसानी से मिल गया था। वे अब परिवार सहित महाकुंभ में स्नान करने जा रहे हैं।
तत्काल और कोटा भी नहीं ः पानीपत रेलवे स्टेशन पर अपेक्षाकृत कोटा नहीं है। ऐसे में लोगों को प्रयागराज के लिए टिकट न मिलने से परेशानी है।
रेलवे को चलानी चाहिए स्पेशल ट्रेन ःगोहाना रोड निवासी आरती और कविता ने बताया कि महाकुंभ में हर कोई स्नान करना चाहता है। हर कोई रेल में जाना पसंद करता है। यह आरामदायक भी है। रेलवे को पानीपत से प्रयागराज के लिए महाकुंभ के दौरान स्पेशल ट्रेन चलानी चाहिए। इससे लोगों को टिकट मिल पाएगी।