इसराना। किसी की जरूरी डाक हो या फिर रोजगार की सूचना। इससे रोडवेज परिचालक को कोई सरोकार नहीं। यही कारण है कि रोडवेज के एक परिचालक की मनमानी करते हुए डाक के थैले को सड़क पर फेंककर सबकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। मगर, एक डाक कर्मी की मेहनत से डाक का थैला मिल गया।
पानीपत से रोडवेज की पानीपत के डिपो की बस से लाई जा रही इसराना उप डाकघर की डाक के थैलों को बस परिचालक ने नौल्था के पास बलाना मोड़ पर फेंक दिया।
इसराना उप डाकघर में डाक नहीं पहुंचने परेशान उप डाकपाल ने डाक कर्मियों को पानीपत हाईवे पर डाक के थैलों को तलाशने के लिए भेजा तो डाक के थैले नौल्था में हाईवे पर बलाना मोड़ पर लावारिस हालत में मिले।
इसराना उप डाकघर के उप डाकपाल जयप्रकाश कुंडू ने मामले की शिकायत रोडवेज विभाग के कमिश्नर, जीएम पानीपत, डाक विभाग के एएसएसपी करनाल और पानीपत डाक घर के डाकपाल को भेज कर मामले से अवगत कराते हुए उक्त परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इसराना के उप डाकपाल जयप्रकाश कुंडू ने बताया कि इसराना उप डाकघर के अंतर्गत क्षेत्र के बीस गांव आते हैं। उप डाकघर के लिए जिला के मुख्य डाकघर से रोजाना डाक के थैले इसराना की तरफ आने वाली रोडवेज की लोकल बसों में भेजे जाते हैं।
विभाग इसके लिए रोडवेज विभाग को किराया भी अदा करता है। शनिवार को सुबह पानीपत डिपो की पानीपत से रोहतक जा रही बस में विभाग के कर्मियों ने इसराना के लिए डाक के थैले रखे थे।
बस गुजर जाने के बाद भी जब डाक के थैले इसराना नही पहुंचे तो उप डाकपाल ने तलाशने के लिए डाक कर्मियों को हाईवे पर भेजा। डाक कर्मी रमेश को नौल्था के पास थैले बलाना मोड़ पर लावारिस हालत में मिले।