पानीपत। सीबीएसई ने अलग-अलग विषयों के प्रश्नपत्र के पैटर्न में बदलाव किए हैं जिनके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। बोर्ड का लक्ष्य छात्रों को रटने की बजाय सोचने और समझने की क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित करना है, जो नई शिक्षा नीति के अनुरूप है। विज्ञान के विषय में अवधारणाओं की समझ, तर्क और प्रयोगात्मक सोच सबसे अधिक महत्वपूर्ण है।
एक विज्ञान शिक्षक के रूप में मैं केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा लागू किए गए नए बोर्ड परीक्षा नियमों को सकारात्मक और समयानुकूल मानती हूं। विज्ञान जैसे विषय में केवल तथ्यों को याद रखना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि अवधारणाओं की समझ, तर्क और प्रयोगात्मक सोच सबसे अधिक महत्वपूर्ण होती है। नए नियम इसी दिशा में एक सही कदम प्रतीत होते हैं।
- सुनीता देशवाल, पीजीटी भौतिक विज्ञान, गुरु ब्रह्मानंद वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ऊंटला।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा बोर्ड परीक्षाओं के लिए लागू किए गए नए नियमों को मैं शिक्षा व्यवस्था में एक आवश्यक सुधार के रूप में देखती हूं। लंबे समय से यह महसूस किया जा रहा था कि परीक्षा का अत्यधिक दबाव छात्रों के सीखने की वास्तविक प्रक्रिया को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में साल में दो बार परीक्षा का अवसर देना और समझ-आधारित प्रश्नों पर जोर देना स्वागतयोग्य कदम है।
- सुनीता सिंह, प्राचार्या, गुरु ब्रह्मानंद वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ऊंटला।