पानीपत। खटीक बस्ती स्थित कारपेट फैक्टरी की आड़ में मिलावटी देशी घी और तेल बनाने का खुलासा सीएम फ्लाइंग ने शनिवार को छापा मारकर किया। यहां पर छह देशी घी और पांच तेल के ब्रांड का मिलावटी माल तैयार किया जा रहा था। खास बात यह है कि इस मिलावटी घी और तेल को रिटेल मार्केट के साथ ही विदेशी नामी ई-कॉमर्स वेबसाइट के जरिए भी बेचा जा रहा था। दोपहर 12 से लेकर शात सात बजे तक यह छापा चला। जिसके आधार पर फैक्टरी मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सीएम फ्लाइंग टीम के सब इंस्पेक्टर शीशपाल ने बताया कि खटीक बस्ती में नकली और मिलावटी घी बनाने की गुप्त शिकायत मिली थी। जिसके बाद पानीपत और डीएफएसई की टीम मौके पर पहुंची। टीम में फूड एंड सप्लाई इंस्पेक्टर, सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. श्याम लाल, डॉ राघवेंद्र, डॉ. मदान और किशनपुरा चौकी इंचार्ज खटीक बस्ती थे। फैक्टरी मालिक विनोद मित्तल ने दो फैक्टरी होने की बात कबूल की। दूसरी फैक्टरी पहले से भी बड़ी थी। दोनों फैक्ट्रियों में घी के सात और तेल के चार ब्रांड का मिलावटी और नकली घी बनाया जाना मिला। मौके से 11 सैंपल लेकर जांच के लिए पंचकूला भेजे गए हैं। फैक्टरी मालिक विनोद मित्तल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सील कर दिया है।
बनाए जा रहे थे 11 नकली ब्रांड और सबकी टैगलाइन एक
दोनों फैक्ट्रियों में नेचर फ्रैश, अवसर वनस्पति, होटल किंग, न्यूट्रियंट और रत्न गोल्ड प्लस तेल के ब्रांड बनाए जा रहे थे। देशी घी के ब्रांड में हरियाणा स्पेशल, बांसुरी गोल्ड, बृज ग्वाला, बिहारी जी, श्री तुलसी, और राधिका तैयार किया जा रहा था। पहली फैक्टरी में छह और दूसरी फैक्टरी में पांच ब्रांड तैयार किया जा रहे थे। गौर करने वाली यह थी सभी घी और तेल के डिब्बों में एक ही टैग लाइन का इस्तेमाल किया गया था। सभी पर ब्रांड के नाम के नीचे खाओ प्योर, जियो श्योर और सेहत भरा असली स्वाद की टैगलाइन लिखी गई थी।
पानीपत से हरियाणा के कई जिलों और आसपास के राज्यों में होती थी सप्लाई
पानीपत के साथ करनाल, सोनीपत, जींद, रोहतक समेत हरियाणा के कई जिलों के साथ ही आसपास के राज्यों में भी इसकी आपूर्ति की जा रही थी। इसके साथ ही ई-कॉमर्स वेबसाइट अमाजॉन के जरिए भी इसे बेचा जा रहा था। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार से मिलावटी घी और तेल लोगों को बेचकर उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। फैक्टरी में पड़े माल की कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है।
बाहर से मंगाए जाते थे डिब्बे, ढक्कन और ब्रांड के स्टीकर
सभी ब्रांड के लिए प्लास्टिक के डिब्बे और ढक्कन बाहर से मंगाए जाते थे। इसके साथ ही ब्रांड के नाम के स्टीकर भी बाहर से ही छपकर आते थे। दोनों फैक्टरियों में डिब्बों में घी और तेल भरकर पैक किया जाता था और उसपर ब्रांड का स्टीकर लगाया जाता था। फैक्टरी के अंदर टीम को प्लास्टिक के खाली डिब्बे एक जगह और ढक्कन दूसरी जगह मिले। ब्रांड के स्टीकर भी बरामद किए गए।
घी के ब्रांड के नामों को भगवान श्रीकृष्ण से जोड़कर सेहत से कर रहे थे खिलवाड़
फैक्टरी में देशी घी के ब्रांड के नाम को भगवान से जोड़कर ही रखा गया था। इतना ही नहीं घर घी के डिब्बे पर गाय का चित्र भी लगाया जा रहा था। भगवान और गाय के नाम पर लोगों को शुद्धता का भरोसा दिलाकर सेहत से खिलवाड़ करने काम चल रहा था। बृज ग्वाला, बिहारी जी, श्री तुलसी, राधिका, बांसुरी आदि नाम रखे गए थे। सभी ब्रांड के डिब्बों पर एक जगह पर बना मिलावटी घी और तेल बनाकर भर दिया जाता था। यहां तक मालिक के दफ्तर में भी गाय की मूर्ति लगाई गई थी।
दो साल से पहले खोली थी एक फैक्टरी, दूसरी को छह माह पहले
वर्ष 2018 में मालिक ने जय दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी के नाम से घी की फैक्टरी खोली। मालिक की यह धंधा चलता रहा तो उसने हाल ही में छह महीने पहले ही दूसरी फैक्टरी खोल ली। जो खटीक बस्ती की मेन रोड पर है। इस फैक्टरी का नाम गोविंद टेक्सटाइल रखा गया यानि टैक्सटाइल फैक्टरी में मिलावटी घी बनाया जा रहा था।
सूचना मिली थी कि घी और तेल मिलाकर नकली घी की फैक्टरी चल रही है, उन्होंने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की है। कुल 11 सैंपल लिए है, जिनमें घी और तेल दोनों ब्रांड के सैंपल है। सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- शीशपाल सब इंस्पेक्टर, सीएम फ्लाइंग, इंचार्ज