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Panipat News: कंबल उद्योग पर संकट के बादल

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फैक्टरी में काम करते कारीगर। स्रोत : आर्काइव
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माई सिटी रिपोर्टर
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पानीपत। पश्चिम एशिया के देशों में जारी अस्थिरता और पूरी तरह शांति बहाली न होने का सीधा असर टेक्सटाइल नगरी पानीपत के कंबल उद्योग पर पड़ने लगा है। स्थिति यह है कि जहां हर वर्ष इस समय तक सर्दी के सीजन के लिए एडवांस ऑर्डर मिलना शुरू हो जाते थे, वहीं इस बार अब तक नए ऑर्डर न आने से उद्यमी चिंतित हैं।
गौरतलब है कि पानीपत से पश्चिम एशिया के देशों में कंबल और मिंक कंबल का वार्षिक निर्यात लगभग 600 से 700 करोड़ रुपये तक होता है। यह क्षेत्र लंबे समय से पानीपत के सबसे प्रमुख व्यापारिक साझीदारों में शामिल रहा है। हाल के दिनों में इस क्षेत्र में बढ़े तनाव और प्रमुख समुद्री मार्गों में सुरक्षा चिंताओं ने निर्यातकों की परेशानी बढ़ा दी है। रूट डायवर्जन के साथ माल भाड़ा भी बढ़ गया है। अब ऑर्डर पर लगे ब्रेक ने उद्योग जगत की रातों की नींद उड़ा दी है।
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ऑर्डर न मिलने से उत्पादन चक्र प्रभावित : उद्यमी गुलशन मल्होत्रा ने बताया कि पश्चिम एशिया के देशों से निर्यात के लिए जून और जुलाई का समय बेहद अहम होता है। इसी दौरान मिलने वाले ऑर्डर के आधार पर फैक्ट्रियों में उत्पादन शुरू किया जाता है, ताकि सर्दी के मौसम से पहले माल की सप्लाई की जा सके लेकिन इस बार स्थिति अनिश्चित है और ऑर्डर न के बराबर हैं। यदि यही हालात बने रहे तो फैक्ट्रियों का संचालन प्रभावित हो सकता है।
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पश्चिम एशिया में जारी तनाव से पानीपत का करीब 700 करोड़ का कंबल कारोबार सीधे तौर पर प्रभावित हो रहा है। अनिश्चितता के इस माहौल में उद्यमियों का मनोबल टूट रहा है। सरकार को सुरक्षित व्यापारिक गलियारा सुनिश्चित करना चाहिए। अन्य देशों के रूप में नए विकल्प तलाशने की जरूरत है। -विनोद धमीजा, प्रधान, हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री पानीपत।
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