सेक्टर 25 में सड़क किनारे लगे कूड़े के ढेर। संवाद
पानीपत। स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए केंद्र से टीम किसी भी दिन आ सकती है। नगर निगम इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए धरातल पर जागरूकता कार्यक्रम शुरू नहीं कर पाया है। हाउस की बैठक में शुक्रवार को ही इसके लिए 3.50 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया जा सका है। निगम अब जागरूकता की योजना बनाएगा और फिर शहर में इस तरह की गतिविधियां कराएगा। ऐसे में इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण में नीचे आने का डर अभी से पहले सता रहा है।
नगर निगम शहर में सफाई पर हर महीने करीब साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। तीन एजेंसियों के साथ नगर निगम के सफाई कर्मचारी भी लगे हुए हैं। बावजूद इसके शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। पार्षद हाउस की बैठक में हर बार रोष प्रकट करते हैं। अधिकारी गाड़ियों को बढ़ाने का भरोसा देते हैं। इसके बाद दिन भी बात फिर भूला दी जाती है। अब स्वच्छ सर्वेक्षण शुरू होने वाला है। केंद्र से टीम किसी भी दिन आ सकती है।
जागरूकता के लिए नहीं मिला बजट
नगर निगम हर साल स्वच्छ सर्वेक्षण से पहले शहर में जागरूक अभियान चलाता है। ये गतिविधियां वार्ड स्तर पर की जाती हैं। निगम ने इनके लिए दिसंबर महीने में बजट की मांग की थी। निदेशालय से इसकी मंजूरी नहीं मिली। स्थानीय अधिकारियों ने भी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। अधिकारियों ने पार्षद फंड के बजट को इसमें लगाना शुरू कर दिया। पार्षद संजीव दहिया ने बताया कि निगम अधिकारियों को योजना बनाकर काम करने की जरूरत है। इसके बिना सफाई में सुधार आना मुश्किल होगा।
स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए हाउस की बैठक में 3.50 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके लिए योजना पहले से ही बनाई जा चुकी है। अधिकारी अब जागरूकता तेज करेंगे।
- कोमल सैनी, मेयर।