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आयुक्त ने कमेटी गठित कर बकाया प्रॉपर्टी टैक्स का ब्यौरा सौंपने के दिए आदेश

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नगर निगम आयुक्त ने निगम अधिकारियों को बिजली निगम अधिकारियों से साथ कमेटी बनाकर बिजली निगम की सभी प्रॉपर्टी का डाटा इक्ट्ठा करने के दिशा-निर्देश दिए हैं। इसके बाद संबंधित प्रॉपर्टी से बकाया प्रॉपर्टी टैक्स का गणित लगाया जाएगा। इसके लिए निगम आयुक्त ने बिजली निगम के एसई को पत्राचार से भी सूचित किया है। जिसमें बिजली निगम के अधिकारियों की निगम अधिकारियों के साथ एक कमेटी बनाने के आदेश दिए गए हैं। निगमायुक्त ने बताया कि शहरी स्थानीय निकाय प्रिंसिपल सेक्रेटरी के आदेशों के बाद निगम ने शहर के प्राइवेट व सरकारी इमारतों से बकाया प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली तेज शुरू कर दी है। इसके तहत बड़े बकायादारों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। वहीं सरकारी इमारतों से भी टैक्स का डाटा तैयार कर वसूलने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि शहर में सभी सरकारी इमारतों पर करीब 45 करोड़ रुपये टैक्स बकाया है।
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वहीं बिजली निगम पर भी नगर निगम का करोड़ों रुपये का बकाया प्रॉपर्टी टैक्स निकल सकता है। शहर में बिजली निगम के कई पॉवर हॉउस होने के साथ कई कंपलेंट सेंटर भी हैं। जिनसे आज तक नगर निगम बकाया टैक्स वसूल नहीं पाया है। यहां तक की नगर निगम के पास बिजली निगम के सभी दफ्तरों को रिकार्ड तक मौजूद नहीं है। इसी के लिए निगम टीम अब एक कमेटी बनाकर पहले सभी इमारतों का ब्यौरा तेयार करेगी। इसके बाद इमारतों व जगह के क्षेत्रफल के हिसाब से बिजली निगम पर बकाया प्रॉपर्टी टैक्स का बिल तैयार किया जाएगा।
भेजा जाएगा नोटिस-
निगम आयुक्त ने बताया कि कमेटी जैसे ही बिजली निगम के सभी इमारतों का ब्योरा देगी, उसके बाद निगम से बकाया वसूली के लिए आग्रह किया जाएगा। वसूली न हो पाने पर बिजली निगम को नोटिस भी जारी किया जा सकता है।
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वर्जन-
बकाया प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर नगर निगम अधिकारियों को आदेश दिए जा चुके हैं, जिसके बाद वे बिजली निगम का खाका तैयार करने में लगे हैं। इसके बाद बिजली निगम को बकाया बिल भरने के लिए कहा जाएगा। वहीं बाद में नोटिस भी किया जा सकता है।
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ओमप्रकाश, आयुक्त, नगर निगम।
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