बिजली निगम की ओर से शहर के 45 प्रतिशत से ज्यादा घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। जिसके बाद भी हर सब डिविजन में रोजाना कम से कम 20 से 25 शिकायतें आ रही हैं। पूरे जिले की बात करें तो करीब 100 शिकायतें रोजाना अधिकारियों को मिल रही हैं। इनमें ज्यादातर शिकायतें बिजली बिल ज्यादा आने की मिल रही हैं। जिसके बाद उपभोक्ता अपने पुराने बिल लेकर बिजली निगम दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
जिन उपभोक्ताओं के 2 से 3 हजार का बिल आ रहा था उनका बिल अचानक 50 हजार से 1 लाख तक आने लगा है। इस तरह के जिले में 100 से ज्यादा मामले हर महीने आ रहे हैं। इसके साथ साथ 10 लाख रुपये से ज्यादा बिल के हर महीने 10 से 20 मामले तक आ जाते हैं।
चढ़ाव मौहल्ला के रहने वाले संजय ने बताया कि उनका हर महीने बिजली का बिल एक हजार रुपये के करीब आता था। अब उनका बिल सितंबर में अचानक 25 हजार आ गया। जिसको लेकर वे हर रोज बिजली निगम और अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं लेकिन बिल कम नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगने से ओर भी ज्यादा बुरा हाल हो जाएगा। अभी तो हम अधिकारियों के पास कम करवा सकते हैं स्मार्ट मीटर लगने के बाद अधिकारी अपना पल्ला झाड़ लेंगे कि स्मार्ट मीटर में आया है तो बिल भरना ही पड़ेगा।
बिजली निगम को मिलने वाली शिकायतों का तुंरत प्रभाव से निस्तारण किया जा रहा है। इसके लिए निगम के सभी अधिकारी जिम्मेदार हैं। वहीं, खुले दरबार में भी लोग अपनी शिकायत रख समाधान करवा सकते हैं।
एसएस ढुल, एसई, बिजली निगम, पानीपत।