मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के आदेश पर बापौली खड़ के बीडीपीओ समेत छह अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। सभी सस्पेंड अधिकारियों पर गौचरान भूमि पर कब्जा हटवाने को लेकर लापरवाही बरतने का आरोप है। इसकी बारे में एक व्यक्ति ने सीएम विंडो में शिकायत दी थी। व्यक्ति की शिकायत पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कड़ा रख अपनाया है। बीडीपीओ समेत छह अधिकारियों के निलंबन के बाद खड़ तहसीलदार, नायब तहसीलदार व कानूनगो ने गांव संजौली में पहुंचकर गौचरान भूमि की मशीन की सहायता से निशानदेही की।
गांव संजौली के गौचरान भूमि की निशानदेही व भूमि पर दबंगों द्वारा किए गए कब्जे को लेकर उपजे विवाद में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मामले में कड़ा कदम उठाते हुए खड़ बापौली के बीडीपीओ कुलजीत दहिया, पूर्व बीडीपीओ अशोक छिक्कारा, कानूनगो उमेद सिंह व खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय के स्टेनो रणधीर सिंह को निलंबित कर दिया है। सभी अधिकारियों के निलंबन के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच खड़ तहसीलदार डा. मनोज अहलावत को सौंप दी है। रविवार को तहसीलदार डा. मनोज अहलावत ने नायब तहसीलदार गुरुदेव सिंह व पटवारी राकेश कुमार के साथ गांव में गौचरान भूमि की निशानदेही की है। तहसीलदार डा. मनोज अहलावत ने बताया कि गौचरान भूमि पर अवैध कब्जा कर गेहूं की फसल बोई गई है। भूमि की निशानदेही की जा चुकी है। मामले की जांच कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी।
यह है मामला
गांव संजौली में 300 एकड़ गौचरान की जमीन है। इस पर कुछ लोगों ने अवैध तरीके से कब्जा कर रखा है। कब्जे को लेकर एक वर्ष पहले संदीप व विकास ने सीएम विंडो में शिकायत दी थी। दोनों शिकायतकर्ताओं ने कब्जा हटवाने की मांग की थी। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कई बार बीडीपीओ को शिकायत देने के बाद भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। यमुना तलहटी से लगते करीब 326 एकड़ जमीन में कुछ दबंग लोगों द्वारा करीब 200 एकड़ गोचरान भूमि में अवैध रूप से गेहूं की बिजाई कर दी थी। जोकि अब लगभग पूरी तरह से पककर तैयार हो चुकी है। गेहूं की फसल पककर तैयार हो जाने पर ग्रामीणों में तनातनी बनी हुई है।
गौचरान भूमि की निशानदेही कर दी है। मामले की पूरी रिपोर्ट जल्द प्रशासनिक अधिकारियों को सौंप दी जाएगी। मामले में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डा. मनोज कुमार, तहसीलदार, खंड बापौली।