कथा सुनाते आचार्य लालमणि पांडेय। स्रोत : स्वयं
पानीपत। कांशीगिरी मंदिर में चल रही साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन वीरवार को कथावाचक आचार्य लालमणि पांडेय ने राजा बलि का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि दान हमेशा श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार करना चाहिए।
आचार्य ने बताया कि राजा बलि ने भगवान को सर्वस्व समर्पित कर दिया था, इसलिए उनका नाम महान दानियों में आदर से लिया जाता है। उन्होंने कहा कि धर्म, यश, सुख-समृद्धि और परलोक कल्याण के लिए दान का विशेष महत्व है।
कथा में भगवान राम और भगवान कृष्ण के अवतारों का भी वर्णन किया गया। उन्होंने बताया कि भगवान राम मर्यादा और कर्तव्य की शिक्षा देने के लिए अवतरित हुए, जबकि भगवान कृष्ण का चरित्र पुरुषोत्तम और अद्भुत है। कथा के अंत में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
कथा सुनाते आचार्य लालमणि पांडेय। स्रोत : स्वयं