फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकारी और निजी अस्पतालों में समय पर ऑक्सीजन न मिलने से महिला समेत चार की मौत का आरोप

विज्ञापन
विज्ञापन
ऑक्सीजन की कमी को लेकर पूरे जिले में मारामारी चल रही है। एनसी कॉलेज को छोड़कर किसी भी स्वास्थ्य केंद्र या निजी अस्पताल में ऑक्सीजन बेड उपलब्ध नहीं हैं। सिविल अस्पताल में तो हालात यह हैं कि सभी ऑक्सीजन बेड भर जाने की वजह से कोरोना संक्रमितों को कुर्सियों पर बैठाकर ऑक्सीजन दी जा रही है। अब कुर्सियां भी खाली नहीं बची हैं। रविवार को सरकारी और निजी अस्पतालों में समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने से एक महिला समेत चार की मौत होने का आरोप लगाया जा रहा है। यह भी आरोप है कि दो शवों का बगैर एंटीजन टेस्ट किए ही परिजनों को सौंप दिया गया।
विज्ञापन

गांव डाहर के रहने वाले सतबीर ने बताया कि उनकी पत्नी सुलोचना को कई दिन से बुखार आ रहा था और सांस लेने में दिक्कत थी। रविवार दोपहर को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों का कहना है कि सिविल अस्पताल में 10 मिनट तक वह ऑक्सीजन के लिए तड़पती रहीं, लेकिन वहां कोई बेड या कुर्सी खाली नहीं मिली। समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने से उनकी मौत हो गई। वहीं आर्य नगर निवासी युवक को भी सांस लेने में दिक्कत थी। उनके परिजनों ने भी आरोप लगाया कि उसे मॉडल टाउन और असंध रोड स्थित निजी अस्पताल लेकर गए, लेकिन कहीं भी ऑक्सीजन बेड नहीं मिला और उसकी मौत हो गई। न्यू रमेश नगर युवक के परिजनों का भी आरोप है कि सिविल अस्पताल में समय पर ऑक्सीजन नहीं मिली, जिससे उसकी भी मौत हो गई। अस्पताल में यहां सभी 30 ऑक्सीजन बेड फुल थे। सनौली के रहने वाले युवक को शनिवार रात को सनौली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में ले जाया गया था। परिजन का आरोप है कि 30 घंटा तक मरीज को लेकर अस्पताल में बैठे रहे, लेकिन उसे ऑक्सीजन समय पर नहीं मिली। कुछ देर बाद ऑक्सीजन देने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक मरीज का ऑक्सीजन लेवल बहुत कम हो चुका था। उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन

इस बारे में डॉक्टरों से इनपुट लेंगे : सीएमओ
ऑक्सीजन की कमी से मरीजों की मौत की जानकारी नहीं है। इस बारे में डॉक्टरों से इनपुट लिया जाएगा। जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि मौत का असल कारण क्या था।
-डॉ. संजीव ग्रोवर, सिविल सर्जन पानीपत।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें