पानीपत। चैत्र नवरात्र पर दुर्गा माता के मंदिर सज गए हैं। साथ ही घरों में माता के दरबार सज गए हैं। चारों तरफ वातावरण भक्तिमय हो गया है। वहीं रविवार को पहले नवरात्र के साथ तड़के ही मंदिरों में श्रद्धालु माता के दर्शन व पूजन के लिए उमड़ पड़ेंगे।
प्राचीन देवी मंदिर में सुबह साढ़े सात बजे कलश स्थापना की जाएगी। इस दौरान माता की आरती व भजनों के साथ पूजन शुरू होगा। कलश स्थापना के समय सैकड़ों श्रद्धालु मंदिर में पहुंचेंगे। प्राचीन देवी मंदिर हर रोज ताजे फूलों से माता का शृंगार किया जाएगा और तीन बार आरती की जाएगी। इसमें प्रात:काल, सायं और फिर शयन आरती होगी। भक्तों के लिए सिंगल लाइन में माता के दर्शनों की व्यवस्था रहेगी।
गायत्री ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के संचालक डॉ. रामराज कौशिक ने बताया कि नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना प्रात:काल 7:30 से 10:23 बजे तक की जाएगी। उसके बाद माता का पूजन शुरू होगा। श्रद्धालु आदि शक्ति माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना करेंगे।
एक अप्रैल को तृतीय और चतुर्थी की पूजा होगी। आदि शक्ति मां शेरावाली इस वर्ष हाथी पर सवार होकर आएंगी और हाथी पर ही बैठकर प्रस्थान करेंगी। मान्यता है कि इससे आर्थिक समस्याओं से छुटकारा मिलता है। धन-धान्य में वृद्धि होती है। इस दौरान मां दुर्गा की पूजा-अर्चना से सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्राप्ति होती है। दुकानों पर व्रत सामग्री व पूजन की सामग्री की लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं।