इसराना। जिले के पुराने शुगर मिल व डिस्टलरी में वर्ष 2016-17 के दौरान डिस्टलरी मैनेजर समेत 11 अधिकारियों व कर्मचारियों पर करीब 85630 क्विंटल शीरा की हेराफेरी कर 5.19 करोड़ रुपये का घोटाले करने का आरोप हैं आठ साल पुराने मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) करनाल ने कार्रवाई करतें हुए अब दो माह पहले चार सितंबर 2025 को डिस्टलरी व शुगर मिल के तत्कालीन 11 अधिकारियों व कर्मचारियों पर केस दर्ज किया है। इन अधिकारियों व कर्मचारियों में सुक्रमपाल, मदन लाल, दीपक मित्तल, सुरेंद्र सिंह, यशपाल, सुधीर जावला, संजीव कुमार, रमेश सरोहा, रणबीर, दलबीर सिंह व राममेहर शामिल हैं। इन तत्कालीन 11 अधिकारियों व कर्मचारियों में से छह सुकरमपाल, मदन लाल, रमेश सरोहा, रणबीर, दलबीर सिंह व राममेहर सेवानिवृत हो चुके है और दो सुधीर जावला व संजीव कुमार बहुत पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। शुगर मिल में अब सिर्फ तीन अधिकारी दीपक मित्तल, सुरेंद्र व यशपाल कार्यरत हैं।
शीरा की जांच के लिए तत्कालीन एमडी ने चार अप्रैल 22 अगस्त 2016 को दो कमेटी बनाई थी। इन कमेटियों ने शीरा की फिजिकल वेरिफिकेशन की तो शीरा कम पाया गया। इसके बाद इसकी जांच एंटी करप्शन ब्यूरो करनाल द्वारा की गई। जिसमें एक सितंबर 2016 में हरियाणा शुगर फेड पंचकूला द्वारा गठित टीम को सौंपी गई। रिपोर्ट को आधार बनाकर पुलिस थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो करनाल द्वारा एफआईआर नंबर 27 दर्ज की है। करनाल एसीबी के डीएसपी शमशेर सिंह इसकी जांच कर रहे हैं।
करीब आठ साल पुराने मामले में शुगर मिल व डिस्टलरी के तत्कालीन 11 अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ एसीबी के करनाल थाना में मामला दर्ज किया है। इनमें से छह सेवानिवृत हो चुके हैं और दो पहले ही इस्तीफा दे चुकी हैं। अब तीन अधिकारी ही शुगर मिल में कार्यरत है। इन तीनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इनमें से किसी को भी निलंबित नहीं किया गया है। करनाल एसीबी ने रिकाॅर्ड की मांग की है। इसका रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा और बहुत जल्द ही एसीबी को सौंप दिया जाएगा।
संदीप कुमार, एमडी, शुगर मिल पानीपत।