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चौकी प्रभारी से जान का खतरा बताने वाला निकला गाड़ी चोरों का सरगना

Thu, 09 Jul 2015 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
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सस्पेंड चौकी प्रभारी मुनेश व उसके सिपाही पति से जान का खतरा बताने वाला विक्रांत मलिक अंतरराज्यीय कार चोरों का सरगना निकला। पुलिस ने सरगना समेत तीन आरोपियों को काबू किया है और आरोपियों से महंगी आठ कारें बरामद की हैं। उनका करीब 20 मुकदमों में शामिल होने का दावा किया है। कई वारदात में उसके सरकारी गनमैन का भी सहयोगी होना बताया जा रहा है।  पुलिस ने तीनों को चार दिन के रिमांड पर ले लिया है और इसके कई साथियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।  पुलिस के खुलासे के बाद सरगना की मुश्किल बढ़ गई हैं।


डीएसपी क्राइम जोगिंद्र राठी ने वीरवार को कार चोर गिरोह का खुलासा किया और सीआईए-टू पानीपत प्रभारी इंस्पेक्टर दीपक कुमार व उनकी टीम को इसका श्रेय दिया। डीएसपी जोगिंद्र राठी ने बताया कि सीआईए-टू पानीपत को शातिर अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। पुलिस ने इनके कब्जे से कई राज्यों व जिलों से चोरी किए गए दर्जनभर वाहन, वाहनों के काटे गए पार्ट्स व चोरी में प्रयुक्त टूल्स बरामद किए हैं। सेक्टर-12 में रहने वाला विक्रांत मलिक उर्फ सन्नी गिरोह का सरगना है। वह मूल रूप से शामली यूपी के लाक का रहने वाला है और पानीपत में गैरेज चलाता है। पुलिस ने उसके साथ अनिल निवासी देसराज कालोनी व तलजिंदर उर्फ  संटी निवासी झांसा रोड कुरुक्षेत्र को काबू किया है।
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पुलिस तीन को पहले ही कर चुकी है गिरफ्तार
पुलिस गिरोह के तीन सदस्यों को 17 जून को गिरफ्तार कर चुकी है। इनकी पहचान अक्षय निवासी कैलाना सोनीपत, सोमबीर निवासी शामड़ी थाना सदर गोहाना सोनीपत एवं हाल किराएदार विकास नगर नजदीक नांगल खेडी पानीपत और दीपक निवासी रांग रोड कांधला शामली के रूप में हुई है। ये तीन भी इसी गिरोह के सदस्य हैं।
सीआईए-टू प्रभारी को सौंपी जिम्मेदारी तो हुआ खुलासा
पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा ने शहर व जिले से वाहन चोरी के मामलों को गंभीरता से लिया था और सीआईए-टू प्रभारी इंस्पेक्टर दीपक कुमार को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पुलिस ने 17 जून को गिरफ्तार अक्षय, सोमबीर व दीपक  को काबू किया और उनसे चोरी की गाड़ियों का कटा हुआ सामान बरामद कर पूछताछ शुरू की। पूछताछ में ही गाड़ी चोरियों का राज खुलता चला गया।

 प्रभारी दीपक कुमार ने सूचना के आधार पर जयबीर सिंह, कृष्ण कुमार, नरेश कुमार, राजबीर सिंह, सिपाही विपिन, सिपाही दिनेश, चालक सिपाही अनूप की पार्टी बनाई और गिरोह की धरपकड़ शुरू की। पुलिस ने सूचना के आधार पर पैप्सी चौक जीटी रोड से विक्रांत मलिक, तलजिंद्र उर्फ संटी व अनिल को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में तीनों से चोरी की आठ कार बरामद कीं। आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि कई गाड़ियों को कटवा दिया है। पुलिस को बताया कि वे स्विफ्ट और डिजायर गाड़ियों को ही निशाना बनाते थे।

सरगना के गनमैन के भी साथ होने की शंका
विक्रांत मलिक को जान से मारने की धमकी के एक मामले में सरकारी गनमैन मिला हुआ है। पुलिस ने गत दिनों गनमैन वापस भी ले लिया था। विक्रांत मलिक गनमैन की मांग को लेकर मीडिया के सामने आया और पुलिस अधिकारियों पर जान बूझकर गनमैन न देने का आरोप लगाया। पुलिस अधीक्षक ने इसके अगले ही दिन विक्रांत मलिक को गनमैन दे दिया। बताया जा रहा है कि उसका गनमैन भी गाड़ी चोरी की वारदात में शामिल हो गया। पुलिस महकमे में भी चर्चा है कि उसने गनमैन को भी आने-जाने के लिए एक गाड़ी दे दी थी।

चौकी प्रभारी व पति समेत कई पर लगा रखे हैं आरोप
विक्रांत मलिक निवासी सेक्टर-12 ने सेक्टर-29 की तत्कालीन चौकी प्रभारी मुनेश व उसके सिपाही पति समेत कई के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा रखा है जिसमें चौकी प्रभारी मुनेश गिरफ्तार हो चुकी हैं और बाकी आरोपियों की धरपकड़ चल रही है। मामले के अनुसार विक्रांत मलिक का आरोप है कि सितंबर, 2014 में उसके दोस्त की साली को लेकर बीबीएमबी में कुछ लोगों के साथ मारपीट हो गई थी। उसने इस मामले में तत्कालीन चौकी प्रभारी मुनेश पर 50 हजार रुपये व मोबाइल लेने का आरोप लगाया था। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक बी. सतीश बालन ने चौकी प्रभारी मुनेश को सस्पेंड कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया था। पुलिस ने इसी मामले के चलते 4 दिसंबर, 2014 को तत्कालीन चौकी प्रभारी मुनेश व उसके सिपाही पति समेत कई लोगों के खिलाफ अपहरण, जबरदस्ती करने व जान से मारने की धमकी देने समेत कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था। विक्रांत मलिक का आरोप था कि उन्होंने उसको बंधक बनाकर पैसे व मोबाइल मांगने के मामले में समझौता लिखवाया है। पुलिस ने उसके बाद मुनेश को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया था और बाकी आरोपियों की धरपकड़ चल रही थी।
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वर्जन
सीआईए-टू पानीपत ने अंतरराज्यीय गाड़ी चोर गिरोह के सरगना विक्रांत मलिक समेत तीन लोगों को काबू किया है। तीनों से चोरी की आठ महंगी गाड़ी बरामद की हैं और पुलिस पड़ताल में सामने आया कि उन्होंने कई गाड़ियों को चोरी करने के बाद डिसमेल्ट भी किया है। विक्रांत मलिक समेत बाकी का 20 वारदातों में हाथ होना पाया गया है। पुलिस ने तीनों को कोर्ट से चार दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस ने तीनों से पूछताछ शुरू कर दी है।
जोगिंद्र राठी, डीएसपी क्राइम
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