बिजली निगम की लापरवाही इन दिनों लोगों पर भारी पड़ रही है। शनिवार को निगम की लापरवाही की वजह से शहर में दो अलग-अलग जगहों पर दो बड़े हादसे हुए। एक हादसे में 11 हजार वोल्ट के तार की चपेट में आने से एक किशोर गंभीर रूप से झुलस गया। वहीं दूसरी घटना में एक किशोरी और दो महिलाएं करंट की चपेट में आकर घायल हो गईं और समेत लाखों रुपये का सामान खाक हो गया है। लोगों ने बताया कि इन हादसों का कारण बने बिजली के तारों की शिकायत वे कई बार निगम अधिकारियों को कर चुके हैं, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
गौरतलब है कि पिछले शनिवार को भी किशनपुरा पार्क में खेलते हुए दो बच्चे ग्यारह हजार वोल्ट की तार के चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इनमें से एक बच्चा अब तक गंभीर हालत में है। वहीं बच्चे के परिजनों ने इस घटना के बाद बिजली निगम के अधिकारियों पर मामला दर्ज करवा दिया था।
केस नंबर एक
हरिनगर निवासी सुरेंद्र ने बताया कि उनकी छत के ऊपर से ग्यारह हजार वोल्ट की तारें जाती हैं। छत से इनकी ऊंचाई करीब 3 से 4 फीट की है। शुक्रवार शाम को उनका बेटा प्रिंस उम्र करीब 15 साल जो 8वीं कक्षा का छात्र है, छत पर खड़ा था। अचानक से बिजली के तारों ने उसे अपनी ओर खींच लिया। जिससे लगभग उसका पूरा शरीर झुलस गया है। घटना के बाद उसे इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। शुक्रवार शाम से अब तक वह आईसीयू में डॉक्टरों की गहन देख-रेख में है। इस घटना ने परिवार व पड़ोसियों को झकझोर कर रख दिया। परिजनों ने बताया कि वे बिजली निगम की इस लापरवाही पर उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाएंगे।
केस नंबर दो-
नंद विहार कॉलोनी में शनिवार सुबह करीब ग्यारह बजे एक जोरदार धमाका हुआ। जिसके बाद पड़ोस में काफी हलचल मच गई। पता चला कि कई घरों में करंट आने से उनके घरों का सारा इलेक्ट्रॉनिक्स सामान जलकर राख हो चुका था। इस करंट के चपेट में दो महिलाएं व एक किशोरी भी आ गए। गनीमत रही इस दुर्घटना में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ, जबकि इन घरों में करीब 10 से 12 लाख रुपये का सामान जला बताया जा रहा है। वहीं महिलाओं ने बताया कि वे उस समय घरेलू काम कर रही थी। धमाके के बाद उनके एसी, फ्रिज, टीवी, बल्ब यहां तक की बिजली के मीटर तक जल गए। इस दुर्घटना में एक महिला का हाथ बुरी तरह से झुलस गया, जबकि एक किशोरी की आंख तो एक अन्य महिला का पैर झुलस गया।
ऐसे लगी आग : पूर्व पार्षद सुनील वर्मा ने बताया कि मौजूदा घटनास्थल के पास एक खाली प्लॉट है। उसमें पीपल का पेड़ लगा है। उसके साथ 200 केवी वोल्ट की बिजली के तार गुजर रहे हैं। सुबह बिजली के तार पेड़ से टकराए जिससे करंट का प्रवाह घरों की दीवारों तक में आ गया। इससे 5-6 घरों में जबरदस्त करंट आया और एक जोरदार धमाका हुआ। जिससे इन घरों के सभी बिजली के उपकरण तक जल गए।
दो बच्चों के झुलसने वाले केस की जांच में उलझी पुलिस : वहीं किशनपुरा के दो छोटे मासूम बच्चों को करंट लगने वाले केस की जांच में पुलिस अधिकारी उलझे हुए हैं। कहने को तो उन्होंने बिजली निगम पर कार्रवाई करवाने के लिए पत्र भी लिखा है, जिसमें बिजली निगम के अधिकारियों से इस घटना के जिम्मेदारी अधिकारी और कर्मचारियों के नाम मांगे हैं, लेकिन वहीं धरातल पर पुलिस ने अभी तक किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया है। दूसरी तरफ बिजली निगम के अधिकारी भी उनके पास आ रही शिकायतों का समाधान नहीं कर पा रहे हैं, जिससे रोजाना कोई न कोई करंट से झुलस रहा है।
यह मामला मॉडल टाऊन डिविजन का है। बताया जा रहा है कि जिस समय बच्चे को करंट लग वह छत पर एसी ठीक कर रहा था। इस मामले में अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। बच्चे व उसके परिजनों की हर संभव मदद की जाएगी।
पीके गोयल, एसई बिजली निगम।