प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पिछले साल जिले भर के ब्लीच हाउस पर कार्रवाई करते हुए 110 ब्लीच हाउस को सील कर बिजली निगम और जिला योजनाकार विभाग को कनेक्शन काटने व ब्लीच हाउस को धवस्त करने के लिए पत्र लिखा था, लेकिन बिजली निगम और जिला योजनाकार विभाग ने इस पर कार्रवाई नहीं की। बोर्ड की ओर से ब्लीच हाउस के कनेक्शन काटने के लिए तीन बार रिमाइंडर भी भेजा गया, लेकिन निगम की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब दोबारा फिर शहर में अवैध रूप से ब्लीच हाउस चलने लगे हैं। ब्लीच हाउस संचालकों ने दोबारा सील तोड़कर काम शुरू कर दिया है। अब इसकी शिकायत अधिवक्ता सचिन मलिक ने सीएम मनोहर लाल को दी है।
अधिवक्ता ने अपनी शिकायत की एटीआर यानी एक्शन टेकन रिपोर्ट निकलवाई तो उसमें विभाग की तरफ से जारी किया गया पत्राचार हैरान कर देने वाला रहा। विभाग ने अपने जवाब में लिखा कि उक्त ब्लीच हाउसों को विभाग द्वारा सील किया जा चुका है। इनके बिजली कनेक्शन तक काटने के लिए बिजली निगम को पत्राचार किया जा चुका है। इसके अलावा डीटीपी व तहसीलदार को भी आगामी कार्रवाई के लिए लिखा जा चुका है। अधिवक्ता ने विभाग अधिकारियों पर ब्लीच हाउस संचालकों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए बड़े स्तर फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। अधिवक्ता का कहना है कि इससे जिले का भू-जल स्तर काफी गिर रहा है। केमिकल युक्त पानी को वापस भूमि में छोड़ा जा रहा है, जिससे पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। उन्होंने कहा कि अब वे विभाग व ब्लीच हाउस संचालकों के खिलाफ शिकायत कर कोर्ट में भी इसे मुद्दे को लेकर जाएंगे।
कागजों में सील, न बिजली निगम ने कनेक्शन काटा न डीटीपी ने इमारत गिराई-
अधिवक्ता सचिन मलिक ने बताया कि उनकी शिकायत की एटीआर रिपोर्ट बताती है कि प्रदूषण विभाग ने इन ब्लीच हाउसों को केवल कागजों में ही सील दिखाया है। वहीं कार्रवाई की औपचारिकता करते हुए बिजली निगम को इनका बिजली कनेक्शन काटने की बात कही है, जबकि आज तक इनका कनेक्शन नहीं काटा गया है। वहीं, डीटीपी को इन अवैध ब्लीच हाउसों की इमारत तक को गिराने की बात कही है, लेकिन आज तक इन पर डीटीपी का पीला पंजा नहीं चल पाया है। इन ब्लीच हाउसों को चलाने के लिए डीटीपी व बिजली निगम अधिकारी भी उतने ही जिम्मेदार है जितना प्रदूषण विभाग के अधिकारी हैं।
हमने अपनी ओर से ब्लीच हाउस पर कार्रवाई कर बिजली निगम और जिला योजनाकार विभाग को पत्र लिख दिया था। तीन बार रिमाइंडर भेजे गए। उन्होंने कनेक्शन नहीं काटे। अब दोबारा सील तोड़कर काम किया जा रहा है वो इसके खिलाफ कोर्ट में जाएंगे। उच्चाधिकारियों को शिकायत दी है अब कानूनी कार्रवाई करेंगे।
कमलजीत सिंह, रिजनल ऑफिसर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड