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भाजपा जिलाध्यक्ष को लेकर रायशुमारी तेज, सांसद रहे दूर

Mon, 14 Dec 2015 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
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भाजपा में जिलाध्यक्ष को लेकर लंबे समय से अंदरखाते मच रहे घमासान के बीच रायशुमारी तेज हो गई है। इसको लेकर मंडल अध्यक्षों से लेकर राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों व पदाधिकारियों की वन बाई वन राय जानी गई।
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गर्मागर्म माहौल में शुरू बैठक में पूरा समय तक उहापौह की स्थिति बनी रही। बैठक में जिलाध्यक्ष को लेकर सबसे ज्यादा आठ नामों पर चर्चा हुई।

पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि कार्यकर्ताओं की राय को आलाकमान के सामने रखा जाएगा और फिर इस पर फैसला लिया जाएगा।

जिलाध्यक्ष के नामों पर सुझाव में केवल पानीपत ग्रामीण व शहरी विधायक ही पहुंच सके। सांसद अश्विनी चोपड़ा और परिवहन मंत्री बैठक में नहीं पहुंचे। परिवहन मंत्री की राय को फोन पर जाना गया।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता वीर कुमार यादव रविवार को मॉडल टाउन स्थित मुल्तान भवन में पहुंचे। उन्होंने कहा कि हर तीन साल बाद बूथ स्थर से लेकर से राष्ट्रीय स्तर तक पार्टी के संगठनात्मक चुनाव करवाए जाते हैं।
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जिसमें हर स्तर के कार्यकर्ता की भागीदारी होती है। उन्होंने कहा कि सही अर्थों में भाजपा ही एकमात्र लोकतांत्रिक पार्टी है, जिसमें पदाधिकारी चुनने के लिए अपने कार्यकर्ताओं की राय जानी जाती है।

 जिलाध्यक्ष का गुलदस्ता लेकर बाकी का नकारा
प्रदेश प्रवक्ता वीर कुमार यादव ने मंच पर आते ही दीप प्रज्जवलित किया। मंच संचालन कर रहे इश कुमार राणा ने उनके बारे में परिचय देना शुरू किया तो उनको बीच में ही रोक दिया। उन्होंने जिलाध्यक्ष गजेंद्र सलूजा का गुलदस्ता लेकर बाकी सबको इसी में स्वागत होने की बात कही। उनकी बातों को सुनकर कई कार्यकर्ता अखर भी गए। वीर कुमार यादव ने धन्यवाद से अपनी बात शुरू की।

सबकी सुनी जाएगी, निगेटिव बोलना है तो एक-एक कर आना
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता वीर कुमार यादव ने कहा कि जिलाध्यक्ष सबकी राय जानकर चुना जाएगा और इसको लेकर सबकी बात सुनी जाएगी। किसी व्यक्ति के बारे में सकारात्मक बात कहने वाले एक साथ आ सकते हैं, लेकिन निगेटिव बात मन में रखने वाले अकेले ही आएं। उन्होंने कहा कि वे अलग से कमरे में बैठे हैं। उनके इतना कहते ही सब कार्यकर्ता बाहर निकल आए। इसके बाद एक-एक पदाधिकारी ने अंदर जाकर अपनी राय दी।

जिले में आठ लोगों के नाम सबसे ऊपर
जिलाध्यक्ष को लेकर आठ लोगों के नाम सबसे ऊपर चल रहे हैं। इनमें पांच शहर व तीन ग्रामीण आंचल के हैं। ग्रामीण आंचल में राममेहर मलिक का नाम सबसे ऊपर चल रहा है। वे किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष हैं और उनका नाम ग्रामीण विधायक द्वारा भी सुझाया गया है।

दूसरा नाम सत्यवान शेरा का चल रहा है। सत्यवान शेरा इसराना हलके से पार्टी की टिकट के दावेदार थे और वे संघ से पुराने जुड़े हुए हैं। रमेश मलिक भाजपा में लंबे समय से जुड़े हुए हैं। शहरी आंचल में जिलाध्यक्ष गजेंद्र सलूजा का नाम चल रहा है।

उन्होंने पार्टी के संकट के दिनों में जिलाध्यक्ष का पद संभाला था और इसको बखूबी चलाया भी। प्रमोद विज का नाम जिलाध्यक्ष में सामने आया है। वे करनाल लोकसभा व पानीपत शहरी विधानसभा में टिकट के दावेदार थे और वरिष्ठ नेता हैं। लोकेश नांगरू का नाम भी जिलाध्यक्ष की सूची में बताया जा रहा है।

वे हाल में निगम पार्षद हैं और उनके पिता आरएसएस से हैं। पार्षद दुष्यंत भट्ट का नाम भी जिलाध्यक्ष में है। वे हाल में पार्टी के जिला उपाध्यक्ष भी हैं और संघ में भी विश्वास रखते हैं। रविंद्र भाटिया का नाम भी जिलाध्यक्ष की सूची में चल रहा है। वे जिला उपाध्यक्ष रह चुके हैं और संघ में लंबा अनुभव है।

50 प्रतिशत मंडलों के गठन पर होगा चुनाव
प्रदेश प्रवक्ता वीर कुमार यादव के अनुसार पूरे प्रदेश में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है और यह 15 दिसंबर तक चलेगा। जिन जिलो में 50 प्रतिशत मंडल गठित हो जाएंगे। वहां जिलाध्यक्ष का चुनाव होगा। जहां 50 प्रतिशत से कम रहेगा, वहां प्रदेशाध्यक्ष का चुनाव होने के बाद प्रदेशाध्यक्ष द्वारा जिलाध्यक्ष को नियुक्त किया जाएगा।

ढांडा व रोहिता पहुंचे, परिवहन मंत्री की फोन पर जानी राय
जिलाध्यक्ष की राय देने के लिए पानीपत ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा व शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी पहुंची। परिवहन एवं आवास मंत्री कृष्णलाल पंवार अपने तय कार्यक्रम के चलते नहीं पहुंच सके। उनकी राय फोन पर जानी गई। इससे पहले वीर कुमार यादव के पहुंचने पर कोई भी विधायक व सांसद नहीं मिला। उन्होंने इस पर अफसोस व्यक्ति किया और मंच से सीधी बात की। उन्होंने कहा कि सांसद व विधायकों का बैठक में न पहुंचना चिंता का विषय है। किसी एक को कार्यक्रम हो सकता है, लेकिन सबका बाहर जाना संभव नहीं हो सकता। इसके अलावा यहां पर राष्ट्रीय पदाधिकारी, प्रदेश पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, पार्षदों, मंडल अध्यक्ष, मोर्च अध्यक्ष व मंडलों के पूर्व अध्यक्ष की राय जानी गई।
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