सिक्खों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह का शनिवार को गुरतागद्दी दिवस धूमधाम व श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया। मॉडल टाउन स्थित गुरुद्वारा नानक दरबार साहिब में दिनभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा।
स्त्री सत्संग सभा द्वारा सुखमणी साहिब के पाठ किए गए। भाई सतनाम सिंह ने गुरबाणी द्वारा संगत को निहाल कर दिया।
प्रधान जगतार सिंह बिल्ला ने संगत को बताया कि गुरु तेग बहादुर की शहादत के बाद गुरु गोबिंद ङ्क्षसह को 1675 ई. में गुरतागद्दी प्राप्त हुई।
उन्होंने धर्म-देश, कौम के लिए अपना समस्त परिवार वार दिया। तभी इनको सरबंश दानी कहा जाता है। बिल्ला ने बताया कि उन्होंने अपने चार पुत्र, पांचवी मां, छठे पिता और सातवां स्वयं को वार दिया।
उन्होंने बताया कि 16 दिसंबर को धार्मिक दीवान सजेंगे। इसमें श्रवण सिंह मुज्जफरनगर वाले गुरबाणी कीर्तन से संगत को गुरू चरणों के साथ जोडेंगे।
इस अवसर पर गुनमीत कौर, दया बठला, ऊषा रानी, मनमीत कौर, परमजीत कौर, सरोज तारा, रणजीत कौर, रूबी कौर, सिंदर कौर, अनीता जुनेजा, वीना कपूर, दर्शना चौपड़ा, स्वर्णा मेहंदीरता, सिमरन कौर, कशिश मल्होत्रा आदि उपस्थित थे।