इसराना। भारतीय किसान यूनियन ने वीरवार को डाहर टोल टैक्स पर भारत-अमेरिका के मध्य व्यापार समझौते के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला फूंका। इस दौरान बड़ी संख्या में यूनियन के सदस्यों ने टोल पर पहुंचकर समझौते के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदेशाध्यक्ष अभिमन्यु कुहाड़ ने कहा कि देश की लगभग आधी आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि व उससे संबंधित गतिविधियों पर निर्भर है। भारतीय कृषि मुख्य छोटे व सीमांत किसानों पर आधारित है जबकि अमेरिका में कृषि बड़े पैमाने पर यंत्रीकृत, कॉरपोरेट आधारित व भारी सरकारी सहायता व सब्सिडी प्राप्त व्यवस्था के अंतर्गत संचालित होती है। ऐसी असमान परिस्थितियों में दोनों देशों के कृषि उत्पादों के बीच खुली प्रतिस्पर्धा भारतीय किसानों के लिए अत्यंत हानिकारक सिद्ध होगी।
उन्होंने कहा कि यदि कृषि, डेयरी, पोल्ट्री व अन्य कृषि-आधारित उत्पादों को मुक्त व्यापार समझौते के अंतर्गत शामिल किया जाता है। अमेरिकी उत्पादों को कम या शून्य शुल्क पर भारत में प्रवेश दिया जाता है, तो इससे भारतीय किसानों की आय, कृषि रोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था तथा देश की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेंगे। भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते से कृषि, डेयरी, पोल्ट्री, पशुपालन, मत्स्य पालन व अन्य कृषि एवं कृषि-आधारित गतिविधियों से उत्पन्न सभी उत्पादों को पूर्णत बाहर रखा जाए।
उन्होेंने मांग करते हुए कहा कि भारतीय किसानों की आय एवं आजीविका को प्रभावित करने वाले किसी भी प्रावधान को समझौते में शामिल न किया जाए। साथ ही अन्य कृषि-संबंधित क्षेत्रों के हितों के प्रतिकूल कोई भी प्रतिबद्धता या समझौता स्वीकार न किया जाए। इस मौके पर किसान भवन प्रधान दिलबाग बिंझौल, एकता सिद्धपुर के जिला प्रधान शमशेर पूनिया, रणबीर चमराडा, प्रदेश प्रवक्ता मनोज जागलान, अशोक कुंडु बिजेवा, सत्ता शाहपुर, शमशेर मलिक सींक, कृष्ण नरवाल नौल्था व बलराज जागलान कारद मौजूद रहे।