पानीपत। जन्माष्टमी पर बाजार में चमक आ गई। लड्डू गोपाल के परिधानों से लेकर सर्राफ की दुकान और मिठाई की जमकर खरीदारी की। अकेले लड्डू गोपाल की ड्रेस का व्यापार करीब 3.50 रुपये का रहा। वहीं इतना ही मिठाई और फिर सर्राफ का कारोबार हुआ।
उत्सवधर्मिता के बीच लड्डू गोपाल घर-घर आ गए हैं। जन्माष्टमी के लिए हर कोई अपने लड्डू गोपाल को सजाने व संवारने में लगा हुआ था। खासकर महिलाओं में अधिक उत्साह बना हुआ था। शहर में लड्डू गोपाल के परिधान के लिए दुकान अलग रूप ले चुकी है। यहां लड्डू गोपाल के शृंगाार से लेकर कपड़ों तक का सामान है। शहर की बात करें तो यहां 250 से 300 दुकानें हैं। इंसार बाजार स्थित दुकानदार हन्नी ने बताया कि उनकी दुकान पर लड्डू गोपाल के वस्त्र और हर सामान है। इस बार जन्माष्टमी पर लोगों का उत्साह देखने वाला रहा। एक सामान्य दुकान पर करीब 1.50 लाख रुपये की बिक्री हुई है।
सुभाष बाजार स्थित सिल्वर प्वाइंट के संचालक राजीव सोनी ने बताया कि लड्डू गोपाल की चांदी की पायल और चेन की इस बार मांग रही। चांदी के रेट बढ़ने के बाद पायल का वजन कुछ कम किया गया। कुछ लोगों ने लड्डू गोपाल का चांदी का मुकुट भी लिया है। चांदी की खरीदारी हर त्योहार में रहती है। लोग रेट बढ़ने पर वजन कम करा रहे हैं। यह एक तरह से नया ट्रेंड भी आया है।
असंध रोड स्थित मित्तल स्वीट्स के संचालक संजय मित्तल ने बताया कि इस बार जन्माष्टमी पर घेवर के साथ पेड़े और मावा की खूब बिक्री हुई है। लोगों की मांग को देखते हुए सामान्य व मावा घेवर बनाया गया था। वैसे तो घेवर का सीजन जन्माष्टमी तक ही माना जाता है। सामान्य रूप से लोग इसके बाद भी घेवर खाना पसंद करते हैं। इस बार पिछले साल खरीदारी अधिक रही है।