संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। जिलेभर में ईद-उल-अजहा (बकरीद) बुधवार को मनाई जाएगी। शहर की मस्जिदों और ईदगाहों में विशेष नमाज अदा की जाएगी। मुख्य नमाज सुबह 7:30 बजे ईदगाह में होगी। समुदाय के लोगों से सड़क या खुले स्थानों पर नमाज अदा न करने और प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करने की अपील की गई है।
ईदगाह के मौलाना सादिक ने बताया कि ईद-उल-अजहा त्याग, कुर्बानी और इंसानियत का संदेश देने वाला पर्व है। उन्होंने कहा कि इसका संबंध हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की महान कुर्बानी से है, जिन्होंने अल्लाह के हुक्म पर अपने बेटे की कुर्बानी देने का संकल्प लिया था। उनकी नीयत और समर्पण से प्रसन्न होकर अल्लाह ने बेटे की जगह दुंबे की कुर्बानी स्वीकार कर ली। तभी से इस्लाम में कुर्बानी की परंपरा चली आ रही है।
मौलाना सादिक ने कहा कि कुर्बानी का अर्थ केवल जानवर की बलि देना नहीं, बल्कि व्यक्ति के भीतर मौजूद बुराइयों, लालच और अहंकार का त्याग करना भी है। यह पर्व जरूरतमंदों की मदद और समाज में भाईचारे को मजबूत करने की सीख देता है।
खुले में कुर्बानी पर सख्त मनाही : मौलाना ने प्रशासन और सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थानों और खुले में कुर्बानी करने की सख्त मनाही है। लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने और कुर्बानी के अवशेषों का उचित निस्तारण करने को कहा गया है।
ईद-उल-अजहा के लिए बाजारों में बढ़ी रौनक
ईद-उल-अजहा के लिए बाजारों में बढ़ी रौनकईद-उल-अजहा को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। लोग नए कपड़े, सेवइयां, मिठाइयां, सूखे मेवे और अन्य जरूरी सामान की खरीदारी में जुटे हैं। कपड़ा बाजार, किराना दुकानों और मिठाई की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है। बच्चों में त्योहार को लेकर खास उत्साह है और वे नए कपड़ों व पसंदीदा सामान की खरीदारी कर रहे हैं। कई परिवार घरों की साफ-सफाई और पकवानों की तैयारी में भी जुट गए हैं।