समालखा। चुलकाना स्थित श्याम बाबा के धाम पर फाल्गुन महोत्सव में भक्तों को बाबा के दर्शनों के साथ प्रसाद और बाबा को अर्पित निशान भी मिलेगा। मंदिर प्रबंधन समिति ने तीन दिवसीय महोत्सव की तैयारी पूरी ली हैं।
इसके साथ गांव में आने वाले रास्तों पर भी यात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन ने भी इस संबंध में सभी संबंधित विभागों को व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दे दिए हैं। रोडवेज ने पानीपत से चुलकाना धाम के लिए 12 स्पेशल बसों का रूट तैयार किया है।
जानकारी के अनुसार चुलकाना स्थित श्याम बाबा धाम पर हर साल फाल्गुन में तीन दिवसीय मेला लगाया जाता है। इस बार मेला नौ से 11 मार्च होगा। इसके लिए मंदिर में पिछले कई दिन से तैयारी की जा रही हैं। मंदिर में पानीपत समेत करनाल, सोनीपत, जींद, सफीदों, मेरठ, दिल्ली समेत देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।
मंदिर में एक और तीन नंबर गेट से श्रद्धालुओं का प्रवेश कराया जाएगा। इन्हीं गेट से दर्शन कर बाहर जाने का रास्ता है। मंदिर में दर्शनों के लिए एक लाइन बनाई गई है। मंदिर प्रबंधन के सदस्यों ने बताया कि वैसे तो सालभर बाबा के दर्शनों के लिए भक्त आते हैं। फाल्गुन में बाबा के दर्शनों का विशेष महत्व है। मान्यता है कि यहां बर्बरीक ने फाल्गुन महीने में शीश का दान दिया था।
चारों रास्तों पर दो करोड़ की लागत से तोरण द्वार ः चुलकाना गांव के चारों रास्तों पर तोरण द्वार बनाए जा रहे हैं। जो मेला शुरू होने तक तैयार कर दिए जाएंगे। ये तोरण द्वारा समालखा से चुलकाना रोड, छदिया से चुलकाना रोड, ढिंडार से चुलकाना व नामुंडा से चुलकाना रोड पर लगाए हैं। इनको करीब दो करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा है। इनको पत्थर बियानो राजस्थान से मंगवाया गया। इसके साथ मंदिर के चारों तरफ गली व नाली बनाई जा रही हैं।
प्रशासन के सहयोग से किया ः श्याम बाबा मंदिर कमेटी के प्रधान रोशन लाल ने बताया कि फाल्गुन महोत्सव की तैयारी की जा रही हैं। अगले दो-तीन दिन में इनको पूरा कर लिया जाएगा। इस बार आट्टा गांव पुल चालू होने से यूपी से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ सकती है। मंदिर में श्रद्धालुओं को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। जिला प्रशासन के साथ मिलकर हर सुविधा देने का प्रयास रहेगा।