हांगकांग में आयोजित एशियाई गेम में भारतीय महिला वॉलीबॉल टीम की कप्तानी पानीपत के गांव आसन कलां की बेटी निर्मल तंवर कर रही हैं। टीम का स्पोर्ट्स अथारिटी आफ़ इंडिया (साई) बैंगलोर में कैम्प के मंगलवार रात्रि 10:45 बजे दिल्ली एयरपोर्ट से हांगकांग पहुंच गई। होगजाऊं में उनका पहला मैच उत्तर कोरिया के साथ होगा। वे मूल रूप से पानीपत के आसन कलां गांव से हैं।
भारतीय वालीबाल टीम की कप्तान निर्मल तंवर ने बताया कि एशियन गेम में अलग-अलग देश की 14 टीमें हिस्सा ले रही हैं। जिसमें चार पुल होंगे। पहले दो पुल में चार-चार टीमें व दूसरे दो पुल में तीन-तीन टीमें है। उनका पहला मुकाबला 30 सितंबर को उत्तर कोरिया के साथ होगा। भारतीय समय अनुसार दोपहर बाद 4:00 बजे उनका पहला मैच है। उससे अगले दिन एक अक्टूबर को उनका दूसरा मैच चीन के साथ होगा।
जाने से पहले मां व भाभी से की बात
निर्मल ने दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचकर अपने घर अपनी मां व भाभी से बात की। निर्मल ने अपनी मां को बताया कि इस बार टीम की बहुत अच्छी तैयारी है। उसे अपनी टीम पर पूरा भरोसा है कि उनकी टीम देश के लिए गोल्ड जीतेगी। मां ने कहा कि बेटी पर हमें गर्व है। बेटी के नाम से हमें व पुरे गांव को पहचान मिली है। मां ने कहा कि ध्यान से व बिना किसी दबाव के खेलना और आशीर्वाद दिया कि भारतीय टीम इस बार जरूर गोल्ड जीतकर लौटेगी।
हैड कोच अजीत पाटिल की अगवाई में टीम पहुंची
एशियन गेम्स के लिए भारतीय महिला वालीबाल टीम हेड कोच अजीत पाटील (महाराष्ट्र) के साथ दिल्ली चीन पहुंची। उनके साथ असिस्टेंट कोच महामाया (वेस्ट बंगाल), असिस्टेंट कोच हरिलाल (केरल) व टीम ट्रेनर रविंद्र (हिमाचल प्रदेश) व सभी 12 खिलाड़ी पहुंचे है। एशियन गेम्स में टीम की कप्तानी करने वाली निर्मल तंवर हरियाणा के साथ साथ पुरे उत्तर भारत की इकलौती खिलाड़ी है। टीम में केरल से 9 खिलाड़ी और तमिलनाडु से 2 खिलाड़ी देश के लिए खेलेंगी। भारतीय टीम में कप्तान निर्मल, सूर्या, मिनिमोल अब्राहम, जिन्की जानसन, अश्वनी कंदोथ, जिनी कोवट शाजी, सरन्या नारिकुन्निल सालिकुमार, शिल्पा राजेंद्रन नय्यर सिंधु, अश्वथी रवीन्द्रन, शालिनी सरवणन, सुजी विजयन, एझिल्मथी सहित कुल 12 खिलाड़ी खेलेंगी।
निर्मल के गांव में उत्साह का माहौल
निर्मल ने गांव के राजकीय स्कूल में पढ़ते हुए वहीं से वालीबाल खेलना शुरू किया था। उन्हीं के स्कूल के पीटीआई जगदीश ही निर्मल तंवर व गांव की अन्य लड़कियों को वालीबाल की ट्रेनिंग देते थे। गांव के शरारती बच्चे रात को उनका नेट काट देते थे। आज निर्मल ने इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है कि बेटी के नाम से गांव को बड़ी पहचान मिली है। निर्मल के भाई अंकित तंवर ने बताया कि एशियन गेम्स में निर्मल को कप्तानी के लिए चुने जाने पर पूरे गांव में खुशी का माहौल है। लोग फोन करके या फिर घर आकर बधाई दे रहे हैं।
बैंगलोर में चला डेढ़ माह का कैम्प
एशियन गेम्स की तैयारी के लिये टीम का कैम्प स्पोर्ट्स अथारिटी आफ इंडिया (साई) बैंगलोर में लगा था। यहीं पर रहकर निर्मल सहित पूरी टीम ने हैड कोच अजीत पाटिल, असिस्टेंट कोच महामाया व हरिलाल तथा टीम ट्रेनर रविंद्र से डेढ़ माह की ट्रेनिंग ली।निर्मल ने बताया कि कैंप के दौरान हर रोज 6 घंटे का अभ्यास करते थे। उसने कहा कि एशियन गेम्स 2018 के बाद हमें अभी मौका मिला है। तब से अभी तक साई की सुविधाओं मे बहुत सुधार आया है। सभी खिलाड़ियो का बहुत ध्यान रखा गया। निर्मल ने बताया कि पूरी टीम की अच्छी तैयारी है। उसे भरोसा है कि उनकी टीम देश के लिए गोल्ड मेडल जीतकर ही लौटेगी।