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बीएससी ऑनर्स केमिस्ट्री की पढ़ाई आर्मी भर्ती में लगाई एक्सिलेंट दौड़

Sat, 31 Oct 2015 12:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला पानीपत
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आर्मी की भर्ती रैली में कुछ युवा देशभक्ति के जज्बे व सेवा तो कुछ नौकरी को लेकर दौड़े। इनमें से कई अपने लक्ष्य को छू गए और कई इसमें पिछड़ गए। इन्हीं में से एक अलग पहचान लेकर आगे निकला सिसरखास रोहतक का जितेंद्र।
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जितेंद्र ने पढ़ाई में खुद को साबित किया और बीएससी ऑनर्स केमिस्ट्री में अच्छे अंकों से पास की और आज सेना की भर्ती में मैदान पर दौड़ लगाकर सबसे आगे रहा। उसने यहां पर भी खुद को साबित कर 4 मिनट 58 सेकंड में सौलह सौ मीटर की दौड़ पार कर खुद को एक्सिलेंट में खड़ा किया। भर्ती रैली में पहुंचे ओर भी कई युवा खुद को साबित करने को तैयार थे और देश सेवा को आगे जाना चाहते थे।

शिवाजी स्टेडियम में शुक्रवार को आर्मी भर्ती रैली के पहले दिन रोहतक जिले के महम व सांपला ब्लॉक उम्मीदवार मैदान में उतरे। युवाओं ने सबसे पहले दौड़ लगाई और फिर बाकी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए डाक्यूमेंट चैकिंग तक पहुंचे। अमर उजाला ने यहां पर ऐसे ही युवाओं से बात की और दूसरे युवाओं को संदेश पहुंचाने का प्रयास किया।
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पिता रिटायर हुए तो बेटा आर्मी में जाने की तैयारी में लगा

रोहतक के गांव सिसरखास के रहने वाले जितेंद्र ने अमर उजाला से बातचीत करते हुए बताया कि
उसके पिता वजीर सिंह इंडियन आर्मी में थे, जोकि अब रिटायर हो चुके हैं। वह भी उनका देश के प्रति सेवा का जज्बा रखते हुए आर्मी में भर्ती होना चाहता है।

उसने बीएससी केमिस्ट्री ऑनर्स की एमडीयू से पढ़ाई की है। वह पिछले दो साल से भर्तियों में भाग ले रहा है। उसने इस बार भर्ती को लेकर पूरी मेहनत की और उसने मैदान पर अपनी मेहनत को दिखाया भी। जितेंद्र ने बताया उसने भर्ती की तैयारी के लिए सुबह शाम दो-दो घंटे दौड़ लगाकर अभ्यास किया है।

इसके बाद जाकर भर्ती में एक्सिलेंट दौड़ लगा पाया। भर्ती में युवाओं को मेहनत करके ही भाग लेना चाहिए। मेहनत के बल पर ही युवा भर्ती हो सकते है।

संजीव दौड़ा सबसे तेज
भर्ती में गांव बलियाना निवासी संजीव ने 1600 मीटर में सबसे तेज दौड़ लगाते हुए पहला स्थान हासिल किया है। संजीव ने बताया कि उसने 12वीं साइंस से पास की है। भर्ती में भाग लेने का उद्देश्य देश के प्रति सेवा करना है।

खरावड़ के रोहित ने दिखाया जोश
सांपला के अंतर्गत खरावड़ गांव निवासी रोहित ने भी भर्ती का मैदान जीत लिया। वह सभी प्रतिस्पर्धाओं को पार करते हुए डाक्यूमेंट चैकिंग तक पहुंच गया। उसने बताया कि वह सीमा पर जाकर देश की रक्षा करना चाहता है और इसको लेकर लंबे समय से मेहनत कर रहा है। उसको दौड़ पूरी करने के बाद मंजिल सामने दिखाई दे रही है।

समचाना का सुरेंद्र देश के साथ बनेगा परिवार का सहारा
समचाना के सुरेंद्र ने भी दौड़ निर्धारित समय से पहले ही पास कर दी। उसने एक के बाद एक छह बीम लगाकर खुद को साबित किया। सुरेंद्र ने बताया कि वह बचपन से ही फौज में भर्ती होना चाहता है। इसको लेकर शुरू से ही मेहनत की है और आज मैदान पर खुद को साबित भी कर दिया।
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