पानीपत में सहकारिता विभाग में एकीकृत सहकारी विकास परियोजना (आईसीडीपी) में हुए करोड़ों के घोटाले में फंसी एआर अनु कौशिश और डॉ. रामकुमार का पानीपत में भी कार्यकाल रहा है। अनु कौशिश ने पानीपत में अधिकारियों की नजरों और टिप्पणी से बचने के लिए जिला सचिवालय से हटकर अलग कार्यालय बना लिया था। इसके साथ आईसीडीपी योजना का भी अलग से कार्यालय बनवा दिया था।
यानी एक कार्यालय को तीन जगह से चलाया जा रहा था। इस दौरान उनके पास करनाल का भी अतिरिक्त चार्ज रहा था। नया कार्यालय बनाने के साथ किराये में भी लाखों रुपये उड़ाए गए। उन पर एससीओ मालिक का करीब दो लाख रुपये किराया बाकी है। ये कार्यालय भी सहकारी विभाग के एक अधिकारी के एससीओ में बनाया गया था। ये अधिकारी अपना किराया निकालने के लिए कई बार उनसे आग्रह कर चुका था।
जानकारी के अनुसार अनु कौशिश का पानीपत में 16 अगस्त 2022 से 12 मई 2023 तक का कार्यकाल रहा। इनसे पहले 21 जून 2021 से नौ मई 2022 तक डॉ. रामकुमार ने कार्य संभाला था। डॉ. रामकुमार एचसीएस अधिकारी हैं तो अनु कौशिश इंस्पेक्टर से पदोन्नति पाकर अतिरिक्त रजिस्ट्रार बनी थी। पानीपत में आईसीडीपी योजना का अलग से राजकीय अंध विद्यालय के नजदीक एपैक्स हैंडलूम में कार्यालय बनाया गया था। जिला सचिवालय की पांचवीं मंजिल स्थित सहकारी समितियों के कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों ने निरीक्षण करने के बाद कार्यालय में नियमितता लाने के आदेश दिए तो अनु कौशिश ने सेक्टर-13-17 स्थित एक एससीओ किराये पर लिया। यहां एआर ने अपना कार्यालय बनाया। प्रशासनिक अधिकारी उनके बारे में रिपोर्ट लेते तो अधिकारी दूसरे कार्यालय में होने की बात कहकर टाल देते थे।
कार्यालय में सामान और किराये पर सरकारी पैसा खर्च
एआर ने सेक्टर-13-17 स्थित एससीओ अपना कार्यालय बनाया था। यहां मेज कुर्सी से लेकर एक अधिकारी के प्रयोग में आने वाला पूरा सामान जुटाया गया। इसके अलावा एपैक्स हैंडलूम में भी इसी तरह से सामान जुटाया गया। एआर जिला सचिवालय स्थित मुख्य कार्यालय में कम ही आती थी। वे अधिकतर काम सेक्टर-13-17 स्थित कार्यालय से पूरा करतीं और यहीं पर फाइल मंगवाती थी। वे कभी कभार एपैक्स हैंडलूम स्थित आईसीडीपी योजना के कार्यालय में जाती थी।
अधिकारी के अनुसार
सहकारी समितियों का मुख्य कार्यालय जिला सचिवालय में है। आईसीडीपी का कार्यालय एपैक्स हैंडलूम और एआर का एक कार्यालय सेक्टर-13-17 में बनाया गया था। सेक्टर-13-17 में कार्यालय से मेरे से पूर्व में चल रहा था। अब एक ही कार्यालय है।
-त्रिलोचन सिंह चट्ठा, एआर, सहकारी समितियां।