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81.5 प्रतिशत लोगों में बनी एंटीबॉडी, हर घंटे 6 लोग हो रहे संक्रमित

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कोरोना की तीसरी लहर चरम पर है। लोग जल्द संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। इसके बाद भी जिले के 81.5 प्रतिशत लोगों में पूर्ण रूप से एंटीबॉडी विकसित हो चुकी है। इनमें संक्रमण से लड़ने के लिए ताकत बन चुकी है। सबसे अधिक लोगों में एंटीबॉडी विकसित करने के मामले में पानीपत प्रदेश में चौथे स्थान पर है। पहले स्थान पर कुरुक्षेत्र है, जहां के 85 प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडी विकसित हो चुकी है।
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हालांकि हर घंटे कोरोना की चपेट में छह लोग आ रहे हैं, चार लोग कोरोना को मात भी दे रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि वायरस इस बार जल्द चपेट में तो ले रहा है, लेकिन शरीर को प्रभावित नहीं कर पा रहा है। वायरस से बदन दर्द और गले में ही खराश हो रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 23 दिसंबर 2021 से अब तक कोरोना के 3720 केस मिल चुके हैं। 1620 लोग इस दौरान कोरोना को मात दे चुके हैं। रोज 161 की औसत से नए संक्रमित मिल रहे हैं। इनमें से 10 प्रतिशत बच्चे, 45 प्रतिशत 18-35 आयु वर्ग, सात प्रतिशत 60 वर्ष से अधिक और 38 प्रतिशत 35-50 आयु वर्ग के लोग हैं।
20 प्रतिशत को ही बुखार
जो भी कोरोना के नए रोगी मिले हैं, उनमें से मात्र 20 प्रतिशत लोगों ही बुखार हुआ है। 15 प्रतिशत लोगों को तो कोरोना का कोई लक्षण भी नहीं मिला हैं। ये वे लोग रहे, जिनके परिवार के लोग संक्रमित हुए और एहतियातन इनकी भी जांच की गई, जिसमें संक्रमित पाए गए। महज तीन दिन में ही संक्रमण को हरा भी दिया।
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जिले में सिर्फ 18 बेड पर ही मरीज
इस बार वायरस शरीर के आंतरिक हिस्सों को प्रभावित नहीं कर रहा है, जिसकी वजह से बेड खाली पड़े हैं। जिले में कुल बेड 1406 है और इनमें से 1388 खाली हैं। 687 ऑक्सीजन बेड में से 680 बेड खाली हैं। 150 आईसीयू बेड में से 141 बेड खाली है। सामान्य बेड पर दो मरीज दाखिल हैं। बाकी सभी मरीज घरों में आइसोलेट हैं।
किस जिले के कितने प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडी हुई विकसित-
जिला - कितने प्रतिशत हुई एंटीबॉडी विकसित-
कुरुक्षेत्र 85.2 प्रतिशत
रोहतक 84.6 प्रतिशत
महेंद्रगढ़- 81.6 प्रतिशत
पानीपत- 81.5 प्रतिशत
नूंह- 79.7 प्रतिशत
चरखीदादरी- 79.6 प्रतिशत
गुरुग्राम- 78.3 प्रतिशत
सोनीपत- 77.9 प्रतिशत
अंबाला- 77.5 प्रतिशत
पलवल- 77.5 प्रतिशत
जींद- 76.8 प्रतिशत
फतेहबाद- 75.4 प्रतिशत
करनाल- 75 प्रतिशत
रेवाड़ी- 74. 8 प्रतिशत
पंचकूला- 72.8 प्रतिशत
हिसार- 72.4 प्रतिशत
सिरसा- 72.4 प्रतिशत
यमुनानगर- 72.1 प्रतिशत
कैथल- 71.5 प्रतिशत
झज्जर- 70.8 प्रतिशत
भिवानी- 69.7 प्रतिशत
फरीदाबाद- 64.2 प्रतिशत
पहली लहर में 1250 बच्चे हुए थे कोरोना संक्रमित-
जिले में पहला कोरोना का केस आठ मार्च 2020 को दर्ज किया गया था। कोरोना की पहली लहर में 1250 बच्चे कोरोना संक्रमण का शिकार हुए थे। दूसरी लहर में 3270 बच्चे कोरोना की चपेट में आए। इस तीसरी लहर में अब तक 222 बच्चे कोरोना की चपेट में आए हैं। सबसे अधिक बच्चे रिफाइनरी टाउनशिप में कोरोना संक्रमित मिले हैं। यहां रहने वाले अधिकतर परिवार बाहर घूमकर लौटे और यहां जांच कराने पर वो कोरोना संक्रमित मिले।
वर्जन
पानीपत में 81.5 प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडी विकसित हो चुकी है। हम प्रदेश में चौथे स्थान पर है। कोरोना की चपेट में लोग आ रहे हैं, लेकिन एंटीबॉडी विकसित होने के कारण वायरस प्रभाव नहीं डाल पा रहा है। लोगों से अपील है कि जिन लोगों ने टीकाकरण नहीं कराया है वो टीकाकरण जरूर करवा लें।
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डॉ. ललित वर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन
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