बापौली। गांव ऊझा से रसालपुर को जाने वाले रास्ते को नेशनल हाईवे बनाने वाली कंपनी ने स्थायी रूप से बंद कर दिया। इससे नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार को प्रदर्शन करते हुए निर्माण कार्य को बंद करा दिया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अंडरपास नहीं बना या आने जाने का रास्ता नहीं खोला गया तो वे किसी भी सूरत में निर्माण कार्य नहीं होने देंगे। इसके साथ ही ग्रामीणों ने धरना दिया। चेतावनी दी कि मांग न पूरी होने पर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव से रसलापुर गांव में सड़क जाती है। जिसे नगीना तक नेशनल हाईवे बनाने वाली कंपनी बंद कर रही है। उन्होंने विरोध किया तो कंपनी के कर्मचारियों ने बताया कि वे करीब दो किलोमीटर से यहां पर आ सकते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि उक्त रास्ता बंद होने से जहां उनका दूसरे गांव से संपर्क टूट जाएगा वहीं उनका खेतों में आना-जाना भी बंद हो जाएगा। इस रास्ते पर ही उनके गांव के खेत भी हैं।
ग्रामीणों ने सरकार व प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि रास्ते को बंद न किया जाए बल्कि उस पर अंडरपास बनाया जाए। इसके साथ ही एक सर्विस रोड भी बनाया जाए ताकि भविष्य में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इस मौके पर हुकम चंद शर्मा, शुभम रावल, रामकिशन, भोपाल, कपिल रोहिला, विक्की, कृष्ण, नवाब व राजबीर आदि मौजूद रहे।
उधर, हाईवे का निर्माण करने वाली कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर जितुराज का कहना है कि उन्हें एनएचएआई से जो ड्राइंग मिली है, उसके अनुसार ही निर्माण कार्य कर रहे हैं। ग्रामीणों ने काम बंद कराकर देर शाम तक धरना दिया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह उपायुक्त से बात करेंगे। अगर एनएचएआई अनुमति देती है तो उन्हें अंडरपास बनाने में कोई आपत्ति नहीं है।