पानीपत। पटवारियों ने बुधवार को लगातार तीसरे दिन काली पट्टी बांधकर रोष जताया। इस दौरान अतिरिक्त सर्कल में काम नहीं किया। इसके चलते जिला की तहसीलों में रजिस्ट्री के साथ जमाबंदी और इंतकाल के साथ प्रमाण पत्र के काम लटक गए। राज्य कमेटी ने काले बिल्ले बांधकर काम करने के गांधीवादी तरीके को दो दिन और बढ़ा दिया है। पटवारियों के अतिरिक्त सर्कल के काम न करने पर लोगों को परेशानी होने लगी है। उनको पटवारी न मिलने पर वापस लौटना पड़ रहा है।
पटवारियों ने बुधवार को तीसरे दिन काले बिल्ले लगाकर रोष प्रकट किया। पानीपत समेत जिला की सभी तहसीलों में काले बिल्ले लगाकर काम किया। जिला प्रधान मुकेश और सचिव दिलावर ने बताया कि एक रिपोर्ट के आधार पर पटवारियों को भ्रष्टाचारी बता दिया गया जबकि इसकी कोई जांच तक नहीं कराई गई। आला अधिकारियों को किसी पर शक होता है तो उसकी विभागीय जांच कराई जाती है। इस जांच में दोषी मिलने पर ही उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। यहां इसके उलट हुआ। खुफिया विभाग की रिपोर्ट के आधार पर पटवारियों को भ्रष्टाचार की कैटेगरी में लाकर खड़ा कर दिया है।
उन्होंने कहा कि एसोसिएशन के निर्देशानुसार दो दिन और काले बिल्ले लगाकर विरोध किया जाएगा। सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती है तो वे आगामी निर्णय लेकर संघर्ष करने को मजबूर होंगे।
रजिस्ट्री और प्रमाण-पत्र नहीं बन पा रहे
पटवारियों के अतिरिक्त सर्कल का काम छोड़ देने पर काम को लेकर दिक्कत आने लगी है। एसोसिएशन के सचिव दिलवार ने दावा किया जिला में 100 रजिस्ट्री हर रोज प्रभावित हो रही हैं। इसके अलावा करीब 300 प्रमाण-पत्र अटक गए हैं। इनकी रिपोर्ट नहीं बन पा रही है। इसके अलावा नकल और इंतकाल के साथ जमाबंदी का काम भी कम हुआ है।
वर्जन :
अब तक रजिस्ट्री को लेकर कोई दिक्कत सामने नहीं आई है। प्रमाण पत्र को लेकर कुछ लोगों की दिक्कत सामने आई है। इसका जल्द ही समाधान किया जाएगा।
वीरेंद्र गिल, तहसीलदार पानीपत।
पटवारियों ने अतिरिक्त सर्कल का काम छोड़ दिया है।