संवाद न्यूज एजेंसी
मतलौडा। बिजली निगम के सब डिवीजन कार्यालय में एक कर्मचारी के साथ गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और मारपीट के प्रयास का आरोप है। इस घटना को चार दिन बीत जाने के बावजूद अब तक मुकदमा दर्ज नहीं होने से बिजली कर्मचारियों में रोष है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
पीड़ित कर्मचारी हेमराज ने बताया कि वह कार्यालय में ड्यूटी पर तैनात था। इसी दौरान अलूपुर गांव निवासी भीम सिंह कार्यालय पहुंचा और अपने खेत में लगे ट्रांसफार्मर को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की मांग करने लगा। हेमराज के अनुसार आरोपी का अपने भाइयों और परिजनों के साथ भूमि विवाद चल रहा है, जिसके चलते वह ट्रांसफार्मर को अपनी जमीन से हटवाना चाहता था।
कर्मचारी का आरोप है कि जब उसे बताया गया कि नियमों के तहत इस प्रकार ट्रांसफार्मर की शिफ्टिंग संभव नहीं है और यह निजी विवाद का मामला है, तो आरोपी भड़क गया। उसने कथित रूप से गाली-गलौज शुरू कर दी और गला पकड़कर मारपीट का प्रयास किया। कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
कर्मचारियों के अनुसार आरोपी ने अन्य स्टाफ को भी गालियां दीं और जान से मारने की धमकी देकर मौके से चला गया। घटना के बाद एसडीओ सत्यवान कादयान ने मतलौडा थाना पुलिस को लिखित शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि थाना प्रभारी को फोन पर भी सूचना दी गई, लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
पुलिस कार्रवाई पर सवाल
घटना के बाद बिजली कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि एक सरकारी कार्यालय में कर्मचारी के साथ कथित मारपीट के प्रयास और विभागीय शिकायत के बावजूद केस दर्ज करने में देरी चिंताजनक है। लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं में त्वरित कार्रवाई जरूरी है ताकि गलत संदेश न जाए।
क्या बोले थाना प्रभारी—
मतलौडा थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। दोनों पक्षों को बुलाकर पूछताछ की जाएगी। जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।