बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारियों ने वीरवार को सिविल अस्पताल में धरना देकर सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रोष प्रकट किया।
धरने-प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए जिला प्रधान माया देवी ने कहा कि छह नवंबर को एसो. के सदस्य सिविल सर्जन से मिले थे। उन्होंने जल्द ही सभी समस्याओं के सामधान का आश्वासन दिया था।
बावजूद इसके आज तक उनकी किसी भी समस्या का सामधान नहीं हुआ। हाल यह हैं कि रिप्रोडक्टिव एंड चाइल्ड हेल्थ प्रोग्राम कि बहुउद्देश्यीय महिला कर्मियों को कई-कई माह से वेतन नहीं मिला है।
इसी कारण उनके परिवार के सामने भूखे मरने की नौबत आन पड़ी है। हाल यह हैं कि अप्रैल 2015 से लेकर अभी तक का एरियर प्रतिमाह दो, तीन और चार हजार अभी तक नहीं दिया गया।
एलटीसी व एसीपी के केसों को भी अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ। कर्मचारियों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि एसीपी की रिपोर्ट कार्यालय के कर्मचारियों को भेजनी होती है लेकिन यहां इन कार्यों के लिए कर्मचारी कई-कई दिनों से धक्के खा रहे हैं और कोई सुनने वाला नहीं है।
जिला सचिव अनिल मलिक ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यही हालत रही और उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन इसी तरह जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अपनी इन्हीं मांगों को लेकर एमपीएचड्ब्ल्यू 25 को सीएम सिटी में होने वाली चेतावनी रैली में बढ़चढ़कर हिस्सा लेंगे और सरकार के खिलाफ संघर्ष को बिगुल बजाएंगे। इस मौके पर अशोक कटारिया, विजेंद्र सिंह, सुरेश कटारिया, जोगेंद्र सिंह धनखड़, जगमति, गुणवती, विशाल, मंजू, पिंकी व उषा मौजूद रहे।