पानीपत। शहर में बिजली के फॉल्ट और ट्रांसफार्मरों की मरम्मत और रखरखाव करने वाली एजेंसी अपने कर्मचारी तक पूरे नहीं लगा पा रही है। इसे लेकर निगम अधिकारियों ने अब एजेंसी पर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। मॉडल टाउन सब डिवीजन एरिया में एजेंसी के 67 कर्मचारी तैनात होने चाहिए लेकिन निगम अधिकारियों ने जब दो दिन तक एजेंसी के काम की पड़ताल की तो फील्ड में कभी 17 कर्मचारी अनुपस्थित मिले तो कभी 14 गैर हाजिर मिले। इस पर बिजली निगम के एसडीओ ने एजेंसी को सख्ताई से नोटिस जारी किए हैं। जिसमें एजेंसी को चेतावनी दी गई हैं कि वे अपने काम में सुधार लाएं वरना निगम अधिकारी एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
गौरतलब है कि बिजली निगम ने इम्पीरियरल एजेंसी को दो साल के लिए 6.96 करोड़ रुपये में ठेका दिया था। जिसमें एजेंसी को अपने वाहन, उपकरण और 128 कर्मचारी लगाने थे। इसमें से एजेंसी न तो कर्मचारी पूरे कर पाई और न ही उपकरण मुहैया करवा पाई। शहर में फॉल्ट बढ़ने लगे तो अधिकारियों ने एजेंसी पर संज्ञान लिया। इसके बाद एक के बाद एक बैठक हुई और एक के बाद एक नोटिस जारी किए गए। अब निगम अधिकारी फील्ड में जाकर एजेंसी कर्मचारियों के काम तक का मुआयना कर रहे हैं।
एजेंसी को भेजे नोटिस में मॉडल टाउन सब डिवीजन के एसडीओ कुलदीप पूनिया ने कहा है कि उनकी टीम में मॉडल टाउन सब डिवीजन एरिया में एजेंसी के कर्मचारियों की गिनती करवाई। 14 जून को एजेंसी के 17 कर्मचारी अनुपस्थित मिले और 15 जून को 14 कर्मचारी गैर हाजिर मिले। ये कर्मचारी एजेंसी के लाइन मैन और एरिया लाइन मैन थे। जिसकी वजह से शहर में बिजली के फॉल्ट ठीक करने में निगम को परेशानी हुई।
एसडीओ ने एजेंसी से चार दिन में इसका जवाब मांगा है। एसडीओ ने कहा है कि इसे लेकर निगम की ओर से पहले भी एजेंसी को लिखित और मौखिक रूप में आदेश दिए जा चुके हैं लेकिन सब व्यर्थ रहा। इसलिए एजेंसी को चाहिए कि वे इमानदारी से अपनी ड्यूटी का निर्वहन करे। एसडीओ ने एजेंसी संचालक को चेतावनी दी है कि वे फिर से एजेंसी के काम और कर्मचारियों का औचक निरीक्षण करेंगे। अगर उसके बाद भी सुधार नहीं हुआ और लापरवाही मिली तो एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।