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Panipat News: स्कंदमाता की पूजा कर श्रद्धालुओं ने मंदिरों में माता के किए दर्शन

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पानीपत। शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन श्रद्धालुओं ने स्कंदमाता की पूजा अर्चना की। प्राचीन श्री देवी मंदिर में भक्तों ने सुबह व शाम को माता के दर्शन किए। इस दौरान मंदिर में भक्तों की कतार लगी रही। देर रात को सांध्यकालीन आरती के साथ माता के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा।
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उल्लेखनीय है कि मंगलवार को श्रद्धालुओं ने घरों में स्कंदमाता की पूजा की। इसके साथ प्राचीन श्री देवी मंदिर में माता का दर्शन करने पहुंचे। दोपहर 12 बजे तक माता के दर्शन के लिए भक्तों की कतार लगी रही। इस दौरान मंदिर में विशेष व्यवस्था की गई थी। प्राचीन देवी मंदिर के आचार्य लालमणि पांडेय ने बताया कि नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। माना जाता है कि भगवान स्कंद (कार्तिकेय) इनके गोद में विराजमान होते हैं। मन विशुद्ध चक्र में होता है। इस चक्र में अवस्थित होने पर समस्त लौकिक बंधनों से मुक्ति मिल जाती है। उन्होंने बताया कि इनका वाहन मोर होता है। जब देवासुर संग्राम हुआ था, तब ये देवताओं के सेनापति थे। स्कंद माता के दाहिने हाथ में निचली भुजा में कमल का फूल हैं और बाएं हाथ में वर मुद्रा धारण कर रखा है। नवरात्र के महात्म्य के बारे में दीपशिखा और आरती ने बताया कि वे हर बार नवरात्र का व्रत रखती हैं। इस दौरान दो समय फलाहार लेती हैं। दिन के समय पानी या अन्य पेयजल का परहेज रखती हैं। वे सुबह व शाम को माता की विशेष पूजा करती हैं। इन दिनों व्रत रखने से उनको ताकत मिलती हैं।
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