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Panipat News: थाना प्रभारी को जांच से हटाने के बाद फैक्ट्री में लगी गार्द भी बदली, एसआईटी ने परिजनों के बयान दर्ज किए

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पानीपत/बापौली। जलालपुर गांव स्थित गोरजा इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड में तिहरे हत्याकांड में एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है। टीम के सदस्य बापौली थाना प्रभारी अतर सिंह ने रसलापुर गांव जाकर परिजनों के बयान दर्ज किए। उनके आरोपों के आधार पर सवाल तैयार किए। इसे लेकर बृहस्पतिवार को एसआईटी प्रभारी के साथ बैठक में इन सब बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी। साथ ही फैक्ट्री में पहले दिन लगाई गार्द को बदल दिया है। उनके स्थान पर पुलिस लाइन से दूसरी गार्द लगाई है। अधिकारियों ने परिजनों के फैक्ट्री में कर्मचारियों के प्रवेश के आरोपों के बाद गार्द बदली। पुलिस अधीक्षक सवालों में घिर चुके सनौली थाना प्रभारी सुनील कुमार को मामले की जांच से पहले ही बाहर निकाल चुके हैं। उनको या उनके थाने के किसी कर्मचारी को एसआईटी में शामिल नहीं किया गया है। एसआईटी बृहस्पतिवार को पूरा रिकॉर्ड थाने से लेगी और फिर अपने स्तर पर पूरे मामले की पुन: जांच करेगी।
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एएसपी मयंक मिश्रा के नेतृत्व में एसआईटी ने बुधवार को फिर जांच शुरू की। टीम के दोनों सदस्यों ने अपने-अपने टास्क पर काम किया। बापौली थाना प्रभारी अतर सिंह रसलापुर गांव में मृतक चाचा-भतीजा इस्लाम व कुरबान के परिजनों से मिले। इस्लाम के बड़े भाई गयूर ने बताया कि तीनों की हत्या की गई है और उनके शवों को खुर्द-बुर्द करने की नीयत से केमिकल के टैंक में फेंक दिए। इसमें फैक्ट्री मालिकों और सिक्योरिटी गार्ड समेत कई का हाथ है। सनौली थाने की पुलिस इनमें से किसी पर कार्रवाई नहीं कर पाई। पुलिस ने सीसीटीवी व फैक्ट्री में जांच के दौरान परिजनों को साथ ले जाने की बात कही थी, लेकिन पुलिस अधिकारी खुद जांच करने चले गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सनौली थाना प्रभारी की कार्रवाई पर पहले दिन से ही संदेह था। पुलिस ने हादसे की रात उन्हें सूचना तक नहीं दी। पुलिस घंटों फैक्ट्री में रही।
पुलिस की ढील का फैक्ट्री मालिक फायदा उठा रहे हैं। वे अपनी राजनीतिक व सामाजिक पहुंच का पूरा फायदा उठाने में लगे हैं। एक जानकार ने बताया कि फैक्ट्री मालिकों के कहने पर उनके नजदीकी पीड़ित परिवार से समझौता में जुट गए हैं। उन्हें लाखों रुपये की पेशकश भी की है। इस्लाम के भाई गयूर ने बताया कि उन्हें इंसाफ चाहिए। पुलिस फैक्ट्री मालिकों व गार्ड को तुरंत गिरफ्तार करे। उधर गोरखपुर निवासी मृतक सुरेश का भाई दिनेश के भी पानीपत आकर पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाने की बात कही जा रही है।
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पानीपत-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर जलालपुर गांव स्थित गोरजा इंटरनेशनल फैक्ट्री में शनिवार देर रात इस्लाम (38), कुरबान (28) निवासी रसलापुर और मेंटेनेंस कर्मचारी सुरेश (39) निवासी गोरखपुर उप्र की हत्या कर दी गई थी। उनके शवों को फैक्ट्री के केमिकलयुक्त पानी के 16 फीट गहरे टैंक में फेंक दिया गया था। सनौली पुलिस ने इसमें फैक्ट्री मालिक नवीन, विष्णु और सौरभ पर हत्या व मारपीट की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। परिजनों ने न्याय न मिलने पर मंगलवार को जाम लगा दिया था। एसपी अजीत सिंह शेखावत ने परिजनों को अपने कार्यालय में बुलाकर कार्रवाई का भरोसा दिया था। उनकी मांग पर एएसपी मयंक मिश्रा के नेतृत्व में एसआईटी गठित की थी।
एसआईटी के दोनों सहयोगियों को अलग-अलग विषय सौंपे गए थे। टीम ने परिजनों से बात करने के साथ फैक्ट्री में मौका मुआयना किया है। दोनों के साथ बृहस्पतिवार को बैठक की जाएगी। पुलिस जल्द ही मामले का खुलासा कर देगी।
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- मयंक मिश्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक।
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