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कोरोना के बाद अब मंकी पाक्स का खतरा बढ़ा, अलर्ट जारी

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पानीपत। कोरोना के बाद अब मंकी पॉक्स का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। सिविल सर्जन कार्यालय के माध्यम से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन को भी इस संबंध में एडवाइजरी जारी कर दी गई है। एडवाइजरी में ब्रिटेन, स्वीडन, नाइजीरिया, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, बेल्जियम, जर्मनी, स्पेन, फ्रांस और अमेरिका सहित 21 देशों से आने वाले लोगों पर नजर रखने को कहा गया है।
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अगर इन देशों से आने वालों में मंकी पॉक्स की बीमारी का कोई लक्षण है तो उन्हें स्वास्थ्य विभाग को जानकारी देनी होगी। सिविल सर्जन की ओर से पीएमओ को अस्पताल में अलग से आइसोलेशन वार्ड तैयार करने का भी निर्देश दिया गया है। विभाग ने कहा कि अगर किसी में रोग की पुष्टि हो तो तुरंत उसकी सूचना दें। स्वास्थ्य विभाग ने जिला नागरिक अस्पताल, सामुदायिक और उप स्वास्थ्य केंद्रों के स्टाफ को अलर्ट किया है। विदेशों में केस सामने आने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। चिकित्सकों का कहना है कि अगर किसी में भी मंकी पॉक्स के लक्षण सामने आएं तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें। अगर आसपास भी किसी को शरीर में दाने, गांठें या अन्य लक्षण नजर आएं तो सूचित करें।
क्या है मंकी पॉक्स वायरस
मंकी पॉक्स वायरस मुख्य रूप से चूहे और खरगोश जैसे जानवरों से फैलता है। जानवरों से होकर इंसानों में यह वायरस तेजी से फैलता है। यह बीमारी संक्रमित मरीज के संपर्क में आने, उसके उपयोग की वस्तुओं को छूने और संक्रमित जानवर से इंसानों में फैलती है।
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बीमारी के लक्षण
- बुखार, सिर और कमर में दर्द।
- शरीर पर सूजन, थकान।
- मांसपेशियों में दर्द होना।
- खुजली वाले दाने निकलना।
वर्जन:
आईएमए को भेजी एडवाइजरी
मंकी पॉक्स को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। आईएमए को भी एडवाइजरी भेज दी गई है। विदेशों से आने वालों पर नजर रखी जा रही है। विदेश से आने वाले लोगों से अपील है कि अगर मंकी पॉक्स के लक्ष्ण दिखें तो स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी दें।
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- डॉ. जितेंद्र कादियान, सिविल सर्जन
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