पानीपत। एग्रीकल्चर फाइनेंस कॉरपोरेशन (एएफसी) व क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) पानीपत के उद्योगों को व्यवस्थित करेगी।
दोनों एजेंसी उद्योगों में ग्राउंड पर जाकर काम करेगी।उद्यमियों को श्रमिकों के साथ समन्वय बनाने, अच्छी गुणवत्ता के उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण भी देगी। इस संबंध में जनवरी में एजेंसियों के अधिकारी उद्यमियों के साथ बैठक भी कर चुके हैं। अब इस शुरुआत पर मुहर लग चुकी है। एजेंसियों की इस पहल पर उद्यमियों में खुशी है।
एएफसी के लीन काउंसलर विजय कौशिक ने बताया कि सरकार सुक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही हैं। इन उद्योगों के लिए विभिन्न प्रकार की स्कीम लॉन्च की जा रही है। देश की रीढ़ एमएसएमई है। करोड़ों लोगों की रोजी रोटी इन्हीं पर निर्भर करती है। पानीपत के 90 प्रतिशत उद्योग एमएसएमई के अंतर्गत ही आते हैं। इन उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एएफसी व क्यूसीआई ने लीन स्कीम लॉन्च की है। इस स्कीम के अनुसार एएफसी व क्यूसीआई पानीपत में एक कलस्टर बनाएंगी। दोनों एजेंसी की टीमें पानीपत में ग्राउंड पर काम करेगी।
उद्योगों का निरीक्षण किया जाएगा। उद्योगों को व्यवस्थित करने, उत्पादन बढ़ाने, अच्छी गुणवत्ता के उत्पाद बनाने, कंपनी के मालिक व श्रमिकों के बीच समन्वय बनाने, उद्योगों से वेस्ट घटाने की पूरी जानकारी दी जाएगी। छह माह तक उद्यमियों को इसका प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस स्कीम से एमएसएमई के अंतर्गत आने वाले उद्योगों को काफी फायदा होगा। चैंबर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन विनोद धमीजा ने कहा कि पानीपत में 90 प्रतिशत छोटे उद्योग हैं। पानीपत से पूरे विश्व में माल जाता है। दो एजेंसियों पानीपत के उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए क्लस्टर बनाएगी।र