संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। जिले के कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले की रफ्तार इस बार अपेक्षाकृत धीमी बनी हुई है। इसका प्रमुख कारण सीयूईटी-यूजी परिणाम और नीट पुनर्परीक्षा से जुड़े विद्यार्थियों का इंतजार माना जा रहा है। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अंतिम निर्णय लेने से पहले सीयूईटी के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं, जबकि मेडिकल क्षेत्र के अभ्यर्थी नीट से संबंधित प्रक्रिया पूरी होने की प्रतीक्षा में हैं।
सीयूईटी-यूजी की परीक्षा 11 से 31 मई के बीच आयोजित की गई थी, जबकि परिणाम जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के प्रथम सप्ताह में जारी होने की संभावना है। इसी अनिश्चितता के चलते दाखिला प्रक्रिया में अपेक्षित तेजी नहीं आ पाई है।
उच्चतर शिक्षा विभाग ने आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 जून कर दी है, ताकि वे विद्यार्थी भी आवेदन कर सकें जो अब तक प्रक्रिया से वंचित रह गए थे। इसके बावजूद जिले के कई कॉलेजों में अब तक आवेदन संख्या संतोषजनक स्तर तक नहीं पहुंच पाई है। पांच राजकीय, पांच एडिड और पांच सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में कई पाठ्यक्रमों में अभी तक 60 प्रतिशत आवेदन भी पूरे नहीं हो सके हैं।
दाखिला शेड्यूल में बदलाव की संभावना
हालांकि आवेदन तिथि बढ़ाई गई है, लेकिन अभी तक दाखिला शेड्यूल में कोई औपचारिक बदलाव नहीं किया गया है। विभागीय स्तर पर नए शेड्यूल की घोषणा जल्द होने की संभावना है, जिसके बाद मेरिट सूची और काउंसलिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। जिले के 15 कॉलेजों में इस वर्ष स्नातक पाठ्यक्रमों की कुल 11,340 सीटों पर दाखिले किए जाने हैं।
कॉलेज प्रशासन का मानना है कि जैसे ही सीयूईटी-यूजी का परिणाम घोषित होगा, दाखिला प्रक्रिया में तेजी आ जाएगी।
वर्जन-
कई विद्यार्थी सीयूईटी-यूजी के परिणाम और अन्य प्रवेश परीक्षाओं के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। यही कारण है कि आवेदन प्रक्रिया अपेक्षित गति नहीं पकड़ पाई है। परिणाम घोषित होने के बाद आवेदन संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।विद्यार्थियों को अंतिम तिथि से पहले आवेदन अवश्य कर देना चाहिए।
- डॉ. जगदीश गुप्ता, प्राचार्य, आर्य पीजी महाविद्यालय, पानीपत।