माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। आंधी और बारिश शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन आफत बनकर आई। बारिश में समालखा अनाज मंडी में गेहूं पानी के साथ बह गया। किसानों की छह महीने की मेहनत अपनी आंखों के सामने बहते देख आंखें भी नम हो गई। प्रशासन केवल दावों तक की सिमटा रहा।
आंधी के चलते बिजली व्यवस्था चरमरा गई। जिले में पांच ट्रांसफार्मर, 70 खंभे 10 जगह बिजली लाइन टूट गई और हनुमान जन्मोत्सव के लिए लगाए करीब 12 स्वागत द्वार गिर गए।
शुक्रवार को दिनभर मौसम साफ रहा। दिन के समय तेज धूप के बीच करीब 21 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चली। शाम को चार बजे अचानक मौसम बदल गया। घने काले बादल छाने के साथ आंधी शुरू हो गई। समालखा और पानीपत में तेज बारिश हुई।
वहीं मंडियों में गेहूं भीग गया। समालखा अनाज मंडी में पानी निकासी के पुख्ता प्रबंध न होने और शेड न होने पर खुले में पड़ी गेहूं बारिश के साथ बह गया। किसान ने छह महीने पसीना बहाकर गेहूं को तैयार किया। वह फसल के साथ अरमान संजोए हुए था। वीरवार और शुक्रवार को तेज आंधी व बारिश में उसके सारे अरमान बह गए। शहर मालपुर के किसान प्रदीप और संदीप कुमार ने बताया कि बारिश के चलते खेतों में गेहूं कटाई का कार्य बंद हो गया है। मंडियों में पर्याप्त शेड न होने से गेहूं बह गया है। किसान साल में दो बार ही मंडियों में आता है। प्रशासन इस समय में भी किसानों के लिए बेहतर व्यवस्था नहीं कर पाता। एजेंसियों ने गेहूं का उठान शुरू कर दिया। 2799 मीट्रिक टन गेहूं का उठान किया है। वहीं किसानों को करीब 1.60 करोड़ की पेमेंट कर दी है।
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