संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ताऊ देवी लाल कॉम्प्लेक्स में कांप्लेक्स से अमर उजाला फाउंडेशन, सहयोगी संस्थाओं व स्कूलों के सहयोग से एक युद्ध नशे के विरुद्ध वॉकथॉन का आयोजन किया गया, इस अवसर पर एसपी कमलदीप गोयल व डीसी पार्थ गुप्ता ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। वॉकथॉन में कई स्कूलों के 300 विद्यार्थियों ने भाग लिया। डीसी ने वॉकथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह मधु चौक, प्यारा चौक से मॉडल टाउन होती हुई वापस कॉम्प्लेक्स में संपन्न हुई। रैली के दौरान विद्यार्थियों ने नशे के विरुद्ध लोगों को जागरूक किया। ताऊ देवी लाल कॉम्प्लेक्स में लौटने पर विद्यार्थियों को रिफ्रेशमेंट दी गई।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से सहयोगी संस्थाओं में क्लाउड नाइन एजुकेशनल की संचालक मोनाक्षी जलोटा, वरिंदा माइका के संचालक उमेश, गुरदेवी अस्पताल के संचालक अंकित संधू, फॉलकन ऑटोमोबाइल के संचालक हर्षदीप सिंह भट्टी, मेड औरा अस्पताल के संचालक डॉ. रणविजय राणा, लाइफ केयर क्लिनिक के संचालक डॉ. हिमांशु ग्रोवर, मंगला मोल्डिंग के संचालक लविश गाबा, जेट फिनाइल के संचालक सुशांत भार्गव, लांबा लाइट्स के संचालक विख्यात, आदर्श विद्या मंदिर पब्लिक स्कूल आदि का सहयोग रहा। इस दौरान डीसी व एसपी ने संस्थाओं को उत्कर्ष कार्य के लिए सम्मानित भी किया। मंच का संचालन संयम जैन ने किया। अंत में उन्होंने विद्यार्थियों को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलवाई गई। इस मौके पर डीईओ धमेंद्र चौधरी व डीआईपीआर डॉ. मनोज कुमार मौके पर मौजूद रहे।
नशा युवाओं को कर रहा खोखला
एसपी कमलदीप गोयल ने कहा कि नशा एक सामाजिक बुराई है, जिसे सभी को मिलकर खत्म करना होगा। जिसमें बच्चों से लेकर विद्यार्थियों का सहयोग जरूरी है। समाज में फैल रहा नशा युवकों को खोखला करता जा रहा है, जिससे कई परिवार उजड़ रहे हैं। नशे की लत को पूरा करने के लिए नशे का आदी व्यक्ति किसी भी घटना को अंजाम दे सकता है। इसलिए अपने आसपास के युवाओं को इसके प्रति जागरूक कर नशे की दलदल से बाहर निकालने का काम करें। नशे पर लगाम लगाने के लिए विभिन्न टीमें गठित की गई हैं। नशा तस्करों के बारे में जानकारी देने वालों का नाम भी गुप्त रखा जाता है।
युवाओं को नशे से बचाना अति आवश्यक
गुप्ता डीसी पार्थ गुप्ता ने कहा कि नशे की चपेट में आने पर युवा शक्ति कमजोर होती है और देश का भविष्य खतरे में पड़ता है। विद्यार्थियों के लिए यह समय अत्यंत महत्वपूर्ण है वे अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें, नशे आदि की लत से दूर रहें और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मेहनत करें। नशे की लत शैक्षणिक प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। नशा-मुक्ति और शैक्षणिक सफलता के लिए, विद्यार्थियों को जागरूक करना और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने की आवश्यकता है। इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों में जागरूकता लाते है एवं अच्छी शिक्षा के लिए प्रेरित करते हैं।
नशे के विरूद्ध जागरूकता रैली निकालते स्कूलों के विद्यार्थी। संवाद
नशे के विरूद्ध जागरूकता रैली निकालते स्कूलों के विद्यार्थी। संवाद
नशे के विरूद्ध जागरूकता रैली निकालते स्कूलों के विद्यार्थी। संवाद
नशे के विरूद्ध जागरूकता रैली निकालते स्कूलों के विद्यार्थी। संवाद
नशे के विरूद्ध जागरूकता रैली निकालते स्कूलों के विद्यार्थी। संवाद
नशे के विरूद्ध जागरूकता रैली निकालते स्कूलों के विद्यार्थी। संवाद