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Panipat News: एसीएस ने जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष काजल का केस किया खारिज

Sat, 30 Aug 2025 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
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काजल देशवाल।
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष काजल देशवाल का सदस्यता के लिए पंचायत विभाग के एसीएस साकेत कुमार ने केस खारिज कर दिया है। एसीएस ने अपने आदेशों में कहा कि इस मामले में तथ्यों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। ऐसे में इस पर निदेशक के फैसले में बदलाव करना मुमकिन नहीं लगता। निदेशक ने 28 जून को आदेश में काजल देशवाल की सदस्यता रद्द कर दी थी। एसीएस के फैसले के बाद काजल देशवाल की सदस्यता बचाने के लिए आखिरी उम्मीद भी टूट गई।
जिला परिषद की अध्यक्ष काजल देशवाल का जाति प्रमाणपत्र फर्जी मिला था। उन्होंने सामान्य जाति से संबंध होने पर बीसीए प्रमाण-पत्र के आधार पर वार्ड-13 से चुनाव लड़ा था। जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष ज्योति शर्मा के पति प्रदीप शर्मा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को उनकी शिकायत दी थी। डीसी ने यूपी के सहारनपुर डीएम की जांच रिपोर्ट निदेशालय को दी थी। जिसमें काजल देशवाल का सामान्य जाति से होना पाया गया। जबकि उनका जाति प्रमाण-पत्र कहार जाति का था। इस बीच एडीसी ने काजल देशवाल का बीसीए का प्रमाण-पत्र रद्द कर दिया था। पंचायत विभाग के निदेशक ने काजल देशवाल की सदस्यता रद्द कर दी थी। काजल देशवाल ने एसीएस को अपील की थी। जिस पर लगातार सुनवाई चल रही थी।
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पहले ज्योति फिर काजल बर्खास्त

ज्योति शर्मा भाजपा के समर्थन में 27 दिसंबर 2022 को जिला परिषद की अध्यक्ष बनी थीं। उनके खिलाफ एक साल में अविश्वास की बात उठने लगी थी। 17 में से 13 पार्षद उनके खिलाफ थे। उनके खिलाफ अविश्वास लाया गया था। इसके बाद काजल देशवाल 14 जून 2024 को भाजपा के समर्थन से सर्वसम्मति से जिला परिषद कर अध्यक्ष बनी। उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया थ। उनको फर्जी जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर जून 2025 में बर्खास्त कर दिया था। अब उपाध्यक्ष सुरेश आर्य काम कर रहे हैं।
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जालसाजी के केस में भी शामिल हुई
प्रदीप कुमार की शिकायत काजल देशवाल के खिलाफ थाना शहर पुलिस में आईपीसी की धारा 420, 467, 468 व 471 में केस दर्ज किया था। उन्होंने सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी। कोर्ट ने अग्रिम जमानत को मंजूर कर जांच में शामिल होने के आदेश दिए थे। काजल देशवाल ने बताया कि उन्होंने एसीएस के सामने अपनी बात रखी थी। वे अपनी लड़ाई आगे भी जारी रखेंगी।
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