पानीपत। इसराना क्षेत्र के सेवानिवृत बिजली कर्मचारी को आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त होने डर दिखा ठग पांच लाख की ठगी की तैयारी में थे। ठगों ने खुद को जांच एजेंसी एटीएस से बताया था। पंजाब नेशनल बैंक में पैसे निकलवाने गए कर्मचारी के चेहरे पर डर को देखकर शाखा प्रबंधक ने बात पूछी तो मामला खुल गया। सेना में रह चुके शाखा प्रबंधक सुभाष चंद्र ने बुजुर्ग को समझाया और साइबर थाना पुलिस को सूचना दी। बैंक प्रबंधक की सजगता के चलते एक व्यक्ति के पांच रुपये की जमा पूंजी बच गई।
रामनिवास ने बताया कि वह बिजली निगम से सेवानिवृत है, उनके पास एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड) के नाम पर एक फोन आया था। उसने बताया कि उनका मोबाइल सिम आतंकवादी गतिविधियों में प्रयोग किया गया है। उनको जेल में जाने और परिवार पर मुसीबत पड़ने का डर दिखाया, उनको डिजिटल क्लिक प्राइवेट लिमिटेड के खाते में पांच लाख रुपये भेजने को कहा। वह शुक्रवार को पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में पांच लाख रुपये ट्रांसफार्मर करने के लिए पहुंचा। उन्होंने इसके लिए फार्म भी भरवा लिया था। शाखा प्रबंधक सुभाष ने रामनिवास के चेहरे पर डर दिखा और उनसे बात की, वे पहले तो बात को टालने लगे। उन्होंने काफी पूछने के बाद पूरा मामला बताया। शाखा प्रबंधक सुभाष चंद्र ने बताया कि वे सेना में काम कर चुके हैं। कोई भी सुरक्षा एजेंसी इस तरह बात नहीं करती और नहीं पैसों की मांग करती है। शाखा प्रबंधक की बात रामनिवास की समझ में आ गई। बुजुर्ग ने उनका आभार जताया और साइबर थाना पुलिस को इसकी सूचना दी।
पुलिस को रामनिवास की धोखाधड़ी करने के प्रयास की सूचना मिली है। उनसे फोन नंबर और अन्य विवरण मांगा गया है। इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
- अजय कुमार, प्रभारी, साइबर अपराध थाना।