पानीपत। पड़ोसियों के साथ झगड़े की रंजिश का बदला लेने के लिए महिलाएं पुलिस थानों में छेड़छाड़ के झूठे केस दर्ज करवा रही हैं। महिलाएं पॉक्सो एक्ट को ढाल बनाकर अपने अधिकारों का गलत प्रयोग कर रही हैं। 2024 में पुलिस जांच में 14 प्रतिशत ऐसे झूठे केस मिले हैं। जिनको पुलिस ने बाद में कैंसल कर दिया।
2024 में 11 पुलिस थानों में छेड़छाड़ के 164 केस दर्ज किए गए हैं। इनमें से 24 केस झूठे मिले हैं। यह खुलासा पुलिस की ओर से मिली आरटीआई की रिपोर्ट में हुआ है। अब एसपी ने छेड़छाड़ की झूठी शिकायतें देने वालों पर उल्टा कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। एसपी ने लोगों से अपील की है कि किसी के खिलाफ झूठी शिकायतें देकर उन्हें मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान न करें। इससे पुलिस का समय भी व्यर्थ होता है।
नारी तू नारायणी उत्थान समिति की अध्यक्षा सविता आर्या ने बताया कि उन्होंने पुलिस विभाग में दुष्कर्म व छेड़छाड़ के मामलों की आरटीआई एक्ट के तहत सूचना मांगी थी। आरटीआई में छेड़छाड़ के 164 मुकदमे दर्ज मिले। इनमें से 24 केस बेबुनियाद मिले हैं। उन्होंने बताया कि कुछ महिलाएं कानून का गलत प्रयोग कर रही हैं। लोगों को झूठे केस में फंसाने के लिए बेटियों व स्वयं उनके साथ छेड़छाड़ की शिकायतें देती हैं। वहीं 2024 में 11 पुलिस थानों में दर्ज दुष्कर्म के 105 में से 50 केस बेबुनियाद मिले हैं।
पुलिस थाना- दर्ज केस- रद्द किए गए
सिटी - 19 01
सदर - 03 01
बापौली- 06 02
चांदनी बाग- 19 01
सेक्टर-29- 18 05
इसराना- 06 01
मतलौडा- 11 01
मॉडल टाउन- 11 00
पुराना औद्योगिक क्षेत्र- 17 01
किला- 09 00
समालखा- 10 00
सनौली- 15 04
सेक्टर 13-17- 03 01
तहसील कैंप- 08 03
महिला पुलिस थाना- 09 03
कुल- 164 24
वर्जन-
महिलाओं से अपील है कि झूठी शिकायतें न दें। पुलिस को गुमराह करने वालों पर निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगा। उन पर उल्टा केस दर्ज किया जाएगा। झूठी शिकायतों से पुलिस का समय बर्बाद होता है। कोई बेगुनाह मानसिक रूप से परेशान होता है।
लोकेंद्र सिंह, एसपी।