पानीपत। शहर में लिफ्ट देकर यात्रियों को लूटने वाला महिला गैंग सक्रिय हो गया है। गिरोह के सदस्य दिनदहाड़े यात्रियों को लिफ्ट देने के बहाने गाड़ी में बैठा लेते हैं और कुछ ही दूरी तक वारदात को अंजाम देकर छोड़ देते हैं। पुलिस गिरोह और उनकी गतिविधियों से बेखबर है। रविवार को सत्संग में जा रही महिला के साथ इसी तरह लूटने के बाद गिरोह की सक्रियता एक बार फिर सामने आ गई है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने मामले को देर शाम तक दबाने का प्रयास किया, मगर मामला मीडिया से बच नहीं सका।
ऐसे देते हैं वारदात को अंजाम
शहर में सक्रिय महिला गैंग बड़ी आसानी से लोगों को शिकार बना रहीं हैं। इनका चार से छह का एक गिरोह होता है। एक महिला आगे चलकर महिला को टारगेट बनाती है। वह पहले उसके हावभाव जानती है और उसके नजदीक पहुंचकर उसके गंतव्य स्थान का पता लगा लेती हैं। उसको उसी तरफ गाड़ी में चलने की कह देती है। इसी समय इशारा करने पर गैंग के अन्य सदस्य गाड़ी लेकर वहां पहुंच जाते हैं। गाड़ी में महिला के बैठते ही उसको कुछ नशीला पदार्थ सुंघा देते हैं और आसानी से कुछ ही दूरी तक वारदात को अंजाम दे देते हैं।
इसी स्टाइल में पहले भी की थी लूट
रविवार को गीता कालोनी निवासी राजरानी को लिफ्ट देकर लूटने की वारदात नई नहीं है। इससे पहले भी शहर में इस तरह की कई वारदात हो चुकी हैं। रक्षाबंधन पर हुडा में रहने वाली सेवानिवृत्त शिक्षिका को गिरोह ने लूट लिया था। सेवानिवृत्त शिक्षिका रक्षाबंधन मनाने के लिए करनाल जा रही थी और वह बस स्टैंड के बाहर बस आने का इंतजार कर रही थी। एक महिला उसको गाड़ी में चलने की कहकर ले गई और शिक्षिका के गाड़ी में बैठते ही गैंग ने वारदात को अंजाम दे दिया और लघु सचिवालय के सामने महिला को गाड़ी के नीचे उतार दिया।
फरवरी और मार्च 2012 में भी किया था परेशान
गैंग ने फरवरी और मार्च 2012 में मुसाफिरों को लिफ्ट देकर हत्या और लूटने की कई वारदातों को अंजाम देकर जिले को दहला दिया था। एक सीबीआई कर्मी की लूट के बाद हत्या करने के बाद बढ़े विवाद पर पुलिस की आंखें खुली और पुलिस ने दो आरोपियों को काबू किया। उन्होंने इस तरह की कई वारदात कबूली।
ये थी उस गैंग की वारदात
तत्कालीन पुलिस अधिकारियों की माने तो दो आरोपियों ने कुछ ही दिनों में दिल को दहलाने वाली कई वारदात को अंजाम दिया। तत्कालीन एसपी पंकज नैन भी गैंग के सदस्यों की वारदात सुनकर दंग रह गए थे। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे रात 10 से 12 बजे के बीच गाड़ी लेकर निकलते थे। वे गाड़ी की आगे वाली एक सीट खाली रखते थे। सड़क पर खड़े किसी मुसाफिर को गाड़ी में लिफ्ट दे देते थे। जैसा कि पुलिस अधिकारियों ने बताया था ये उक्त मुसाफिर के सिर में सीधा तेजधार हथियार मार देते थे और उसके साथ लूट कर लेते थे। इसके बाद उसी के कपड़ों से हाथ पांव बांधकर नहर में फेंक देते थे।
19 फरवरी को रोहतक निवासी जेआर सभरवाल से लिफ्ट देकर लैपटॉप, नगदी व पासपोर्ट लूट लिया था।
27 फरवरी को एलआईसी के सहायक प्रबंधक चंद्र प्रकाश को इसी तरीके से लूट लिया था और बाद में उसका शव मिला था।
छह मार्च को रोहतक के मायना गांव निवासी विनोद को लिफ्ट देकर 10 हजार, एटीएम और अटैची लूट ली थी और उसको डाहर के पास घायल कर नाले में फेंक दिया था।
सात मार्च को शिव कालोनी रोहतक निवासी प्रकाश शर्मा को लिफ्ट देकर लूट लिया और फिर उसकी हत्या कर शव नहर में फेंक दिया।
नौ मार्च को सीबीआई कर्मी दलबीर के साथ लूटकर हत्या कर दी और उसके हाथ-पांव बांधकर दिल्ली नहर में फेंक दिया।
वर्जन
पुलिस को शनिवार इस गिरोह के सक्रिय होने की सूचना मिली है। पुलिस सरगर्मी से मामले की जांच कर रही है। आरोपी जल्द ही पुलिस गिरफ्त में होंगे। फरवरी और मार्च 2012 में वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह का भी जल्द ही पर्दाफाश कर दिया था।
नरेंद्र सिंह, प्रवक्ता, पुलिस पानीपत