विद्यार्थियों के भौतिक, शारीरिक और मानसिक विकास में अहम भूमिका निभाने वाले शिक्षकों को मिलेगा लाभ
पानीपत। एनुअल कांफिडेंशियल रिपोर्ट (एसीआर) अब उन सभी शिक्षकों की बढ़िया होने जा रही है, जो शिक्षक छात्रों के भौतिक, शारीरिक और मानसिक विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। शिक्षा विभाग ने शिक्षकाें के भविष्य में दिशा देने वाली एसीआर नीति में बदलाव करने का फैसला लिया है। योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए हाल ही में विभिन्न स्तराें पर आयोजित विभागीय बैठकों में शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न बोर्डों और संस्थानों से बात की जा चुकी है।
शिक्षक होंगे पढ़ाई के प्रति गंभीर
विभागीय जानकारी के अनुसार शिक्षा की गुणवत्ता मेें सुधार लाने और शिक्षकों को विद्यार्थियों की पढ़ाई के प्रति गंभीर रखने के लिए नीति में सुधार करने का फैसला लिया है। अब तक एसीआर की रिपोर्ट मुख्य रूप से स्कूल मुखिया के हाथ में ही होती थी। अब शिक्षकों का न केवल उनकी अतिरिक्त गतिविधियों को देखकर एसीआर मिलेगा, बल्कि शिक्षकों ने विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर के विकास में शिक्षकाें की कितनी भूमिका रही है, इस आधार पर भी शिक्षकों का मूल्यांकन होगा।
पहली से आठवीं तक होगा बदलाव
विभाग ने प्राथमिक चरण में यह बदलाव पहली से आठवीं कक्षाओं तक लागू करने का फैसला किया है। इन कक्षाओें में सीसीए लागू करने के बाद बदलाव की जरूरत महसूस की जाने लगी है, क्योंकि सीसीए लागू करने के बाद लोगों के मन में धारणा बन गई है कि इसके बाद सरकारी स्कूलों मेें बच्चों की पढ़ाई कम हो गई है।
तैयार हो रहा बदलाव का मसौदा
बदलाव का यह मसौदा स्टेट काउंसिल फॉर एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग की निदेशक स्नेहलता, शिक्षा विभाग की वित्तायुक्त सुरीना राजन, हरियाणा बोर्ड के ओपन स्कूल अकादमिक के निदेशक नरेश सालवान और विभिन्न स्कूलों के प्रिंसिपल कर रहे हैं।
इन बातों पर होगा ध्यान
शिक्षकों की एसीआर रिपोर्ट बनाने से पहले यह भी ध्यान रखा जाएगा कि संबंधित शिक्षक ने विद्यार्थियों की वर्क बुक नियमित चैक की है या नहीं, असेसमेंट रिकार्ड कैसा है, शिक्षक की कक्षा का वार्षिक परीक्षा परिणाम कैसा रहा है, क्या शिक्षक ने एनएसएस समेत अन्य सामाजिक कार्यों मेें अपना योगदान दिया है, स्कूल के अन्य स्टाफ मेंबरों के साथ उसका व्यवहार कैसा रहा है, नियमित कक्षाएं लगती रही है आदि पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाता है।
वर्जन
जो शिक्षक विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाते हैं, और उनका हर गतिविधि में मुख्य योगदान रहता है, उनको एसीआर का लाभ मिलता है। बच्चों के भविष्य की बेहतरी व सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए विभिन्न सुधार किए जा रहे हैं।
सरोज बाला, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, पानीपत