पानीपत। बिजली निगम की ओर से कई क्षेत्रों में खुले दरबार नहीं लग पा रहे हैं। निगम की ओर से आदेश जारी थे कि हर हफ्ते में गांव-गांव और क्षेत्रीय स्तर पर खुले दरबार लगाए जाएं। सब-अर्बन के अधीन आने वाले कई गांव खुले दरबार की राह ताक रहे हैं। अधिकारी बताते हैं कि बिजली के बिल की राशि ज्यादा होने के कारण इन गांवों मेें खुले दरबार नहीं लग पाएंगे।
यहां नहीं लग रहे खुले दरबार
गांव सौदापुर और खुखराना के कई निवासियों का कहना है कि उनके गांव में अब तक खुले दरबार नहीं लगे हैं। जब तक उनके गांव मेें कोई समस्या सुनने नहीं आएगा, वे किसको अपनी समस्याएं सुनाएंगे। इसके विपरीत विभागीय अधिकारियों का दावा है कि उनकी ओर से हर सप्ताह क्षेत्र के हिसाब से खुले दरबार लगाए जा रहे हैं, कार्य में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जा रही है। जिन क्षेत्रों में खुले दरबार नहीं लग पाए हैं, वहां पर लोग बिजली के बिल नहीं भर रहे हैं। इसके विपरीत जिन घरों में बिजली के कनेक्शन नहीं हैं, उनका कहना है कि जो लोग बिल नहीं भर रहे हैं, उसमें उनका क्या दोष है। निगम डिफाल्टरों के साथ, उन्हें क्यों सजा दे रहा है। जब ये लोग कनेक्शन लेने के लिए निगम के क्षेत्रीय कार्यालय में जाते हैं तो उनकी सुनने वाला कोई नहीं होता। चक्कर पे चक्कर लगाने के बाद भी आसानी से नया कनेक्शन नहीं मिल पाता। लोगों का कहना है कि खुले दरबार लगने से गांव के लोगों की कुछ परेशानियां कम हो सकती है।
मौके पर ही समस्याओं का समाधान
जिस गांव या क्षेत्र मेें खुले दरबार लगाए जाते हैं, वहां पर मौके पर ही लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाता है। जिन लोगों को नए कनेक्शन लेने हैं, उनकी फाइल तैयार करवाकर मौके पर ही जमा करवाने के बाद कनेक्शन लगाने की कार्रवाई पर कार्य किया जाता है। जिन उपभोक्ताओं के बिल में कोई समस्या होती है, उसकी समस्या को हल करके बिल भर लिया जाता है।
वर्जन
नियमित रूप से खुले दरबार लगाए जा रहे हैं। कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही। जिन क्षेत्रों में खुले दरबार नहीं लग पाए हैं, वहां पर जल्दी ही लग जाएंगे।
जेसी शर्मा, कार्यकारी अभियंता, सब-अर्बन, बिजली निगम