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9 लोग हारे कोरोना से जिंदगी की जंग, 22 का हुआ कोविड गाइड लाइन के अनुसार अंतिम संस्कार, 491 मिले नए केस

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कोरोना कहर लगातार जारी है। शुक्रवार को जिले में संक्रमण से 9 लोग और जिंदगी हार गए। वहीं जन सेवा दल ने कोरोना संक्रमित 22 लोगों का कोविड गाइडलाइन के तहत अंतिम संस्कार किया है। जन सेवा दल पिछले 3 दिन में 66 लोगों का अंतिम संस्कार कर चुका है। दूसरी ओर कोरोना 491 संक्रमित मिले, जबकि 403 लोग कोरोना से ठीक हुए हैं। प्रशासन के लिए चिंता का विषय कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद फरार होने वाले व्यक्ति बने हुए हैं। अब तक 350 लोग पॉजिटिव मिलने के बाद फरार हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक 304 लोगों की कोरोना से मौत हुई है।
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पानीपत के 40 से अधिक अस्पतालों में 350 से अधिक दिल्ली, नोएडा व गाजियाबाद के रोगी दाखिल हैं। अब तक 120 से अधिक दिल्ली के रोगियों की पानीपत में मौत हो चुकी है। दिल्ली के अब तक 20 से अधिक लोगों की ऑक्सीजन व वेंटिलेटर न मिलने से मौत हो चुकी है।
18 सेंटर पर लगी 1721 लोगों को वैक्सीन
शुक्रवार को 18 सेंटरों पर 1600 लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया। जबकि 1721 को लोगों को पहली व दूसरी डोज लगी। इनमें 18 से 44 उम्र के 559 लोगों ने डोज लगवाई है। पानीपत में पिछले दिनों में 16500 लोगों को वैक्सीन लगाई गई है। इनमें से 18 से 44 तक उम्र वाले 9480 लोगों ने वैक्सीन लगवाई है। अब तक पानीपत में कुल 1.27 लाख लोगों को पहली डोज लग चुकी है। वहीं साढ़े 19 हजार लोगों को दोनों डोज लग चुकी है।
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शुक्रवार का कोरोना मीटर
कोरोना से 403 लोग ठीक हुए
अब तक 18114 लोग कोरोना को दे चुके हैं मात
1343 लोगों ने अपनी जांच कराई
अब तक जिले में 260450 लोगों की हो चुकी है जांच
अब तक 235720 सैंपल की रिपोर्ट आ चुकी है नेगेटिव
कोरोना के नए 491 केस मिले।
कोरोना से 9 लोगों की मौत हुई
खांसी-बुखार मरीजों के लिए खुला फ्लू कॉर्नर
कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर सिविल अस्पताल में ओपीडी का समय सुबह आठ से 11 बजे तक किया गया है। दूर-दराज का मरीज जब तक अस्पताल पहुंचता है, ओपीडी बंद होने का समय हो जाता है। नतीजा, वायरल, टाइफाइड, मलेरिया के आशंकित मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा है। अब सिविल अस्पताल में फ्लू कॉर्नर खोला जाएगा। प्रतिदिन 900 से 1100 तक मरीज इलाज के लिए सिविल अस्पताल पहुंचते थे। अस्पताल में रजिस्ट्रेशन विंडो, ओपीडी के बाहर और दवा विंडो पर लंबी कतार लग जाती थी। सबसे अधिक भीड़ मेडिसिन ओपीडी के बाहर बुखार-खांसी के मरीजों की होती थी। डीजी हेल्थ के आदेश पर अब सिविल अस्पताल में फ्लू कॉर्नर बन चुका है।
लोगों से अपील है कि संक्रमण की गंभीरता को समझें : डॉ. कादियान
लोगों से अपील है कि वे संक्रमण की गंभीरता को समझें। अगर कोरोना के लक्षण हैं तो जांच कराएं। डरें नहीं दूसरों को भी कोरोना के खिलाफ के जागरूक करें। जब तक जागरूकता नहीं आएगी, कोरोना को हराना मुश्किल होगा।
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-डॉ. जितेंद्र कादियान, सिविल सर्जन पानीपत।
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