माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा की अदालत ने महिला को अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी देकर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में दोषी गुजरात के वंस कामठा निवासी अंगद राजपूत को सात साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
मामले के अनुसार, मूल रूप से बिहार के नवादा जिले के सितामढ़ी निवासी शिवेश ने 28 जुलाई 2023 को समालखा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि वह समालखा की पंजाबी कॉलोनी में किराये के मकान में रहकर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं। उनकी पत्नी निशु ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, गुजरात निवासी अंगद राजपूत उनकी पत्नी को सोशल मीडिया पर अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। आरोप था कि इसी तनाव के चलते महिला ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर महिला के मोबाइल को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। फिर 11 सितंबर 2023 को आरोपी अंगद को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष ने अदालत में 14 गवाह पेश किए। साथ ही मोबाइल की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई, जिसमें चैट रिकॉर्ड और आपत्तिजनक तस्वीरें मिलने की बात सामने आई। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए मंगलवार को सात साल कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
फेसबुक पर हुई थी दोस्ती
पुलिस पूछताछ में अंगद राजपूत ने बताया था कि उसकी पहचान निशु से फेसबुक के माध्यम से हुई थी। दोनों के बीच बातचीत बढ़ने पर निजी बातें होने लगीं और फोटो साझा किए गए। बाद में महिला के पति को इसकी जानकारी होने पर बातचीत बंद हो गई। आरोप है कि इसके बाद आरोपी महिला पर सबकुछ छोड़कर गुजरात आने का दबाव बनाने लगा और मना करने पर तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। कुछ तस्वीरें उसने महिला के मोबाइल नंबर पर भी भेजी थीं।